भैंस के रोग — लक्षण, कारण और उपचार 2026

ICAR-IVRI, Bareilly द्वारा मान्यता प्राप्त — 10 प्रमुख पशु रोगों की सम्पूर्ण जानकारी — लक्षण, कारण, बचाव, दवाएँ, टीकाकरण चार्ट और आपातकालीन प्रबंधन के साथ

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विषय सूची — 10 प्रमुख भैंस रोग + नस्ल गाइड
10 रोग + नस्लें
🐃 नस्ल — उत्पत्ति स्थान — विशेषता
🌿भारतीय भैंस नस्लें — पूरी जानकारी
🦠 वायरल रोग
01🐾 खुरपका-मुंहपका (FMD)
02🔴 लंपी स्किन डिज़ीज़
03👃 बफेलो हर्पीस वायरस (BHV)
🧫 जीवाणु रोग
04💨 गलघोंटू (HS)
05🖤 एकटंगिया/ब्लैक क्वार्टर
06⚠️ गिल्टी रोग (Anthrax)
07🍼 थनैला रोग (Mastitis)
🐛 परजीवी व चयापचय रोग
08🩸 थाइलेरिया (रक्त परजीवी)
09🥛 दुग्ध ज्वर (Milk Fever)
10🌬️ अफारा/तिम्पनी (Bloat)
IVRI Verified 2026 Edition टीकाकरण चार्ट सहित

🐃 भैंस के 10 प्रमुख रोग + नस्ल गाइड — सम्पूर्ण लक्षण, कारण व उपचार

🏥 ICAR-IVRI पशु चिकित्सा गाइड 2026
10
प्रमुख रोग
3
रोग श्रेणियाँ
8+
टीके उपलब्ध
10+
भारतीय नस्लें
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महत्वपूर्ण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। पशु बीमार होने पर तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
🌿 भारतीय भैंस नस्लें — नस्ल, उत्पत्ति स्थान, विशेषतासम्पूर्ण गाइड दूध · भार · द्विउद्देशीय नस्लें · उत्पत्ति राज्य · ICAR-NBAGR डेटा👆 Click करें — विवरण खुलेगा
स्रोतICAR-NBAGR
3 खंड
🥛 प्रमुख दूध देने वाली नस्लें मुर्राह · नीली-रावी · मेहसाना · सुरती · जाफराबादी
नस्लउत्पत्ति स्थानविशेषता
मुर्राह (Murrah)हरियाणा — रोहतक, हिसार, झज्जर, भिवानी जिलाविश्व की सर्वश्रेष्ठ दूध भैंस नस्ल · 1800–2500 L/लैक्टेशन · वसा% 7–8% · काला रंग · कसकर मुड़े सींग · इटली और बुल्गारिया में भी पाली जाती है · भारत से निर्यात
नीली-रावी (Nili-Ravi)पंजाब (मूलतः पाकिस्तान — रावी नदी क्षेत्र) · भारत में पंजाब, हरियाणादूध 1500–2000 L/लैक्टेशन · नीली-काली खाल · माथे पर सफेद धब्बा · वसा% 6–7% · पंजाब में मुर्राह के बाद दूसरी पसंद
मेहसाना (Mehsana)गुजरात — मेहसाना जिला · मुर्राह × सुरती क्रॉस से विकसितदूध 1200–1800 L/लैक्टेशन · काला-भूरा रंग · गुजरात में सबसे लोकप्रिय · वसा% 6.5–7% · मुर्राह से बड़ी और सुरती से अधिक दूध
सुरती (Surti)गुजरात — सूरत, खेड़ा, वड़ोदरा जिलादूध 900–1200 L/लैक्टेशन · भूरा-सफेद रंग · वसा% 7–8% · छोटे किसानों के लिए उपयुक्त · गर्मी-सहिष्णु
जाफराबादी (Jaffarabadi)गुजरात — जूनागढ़, गिर-सोमनाथ, अमरेली जिलाभारत की सबसे बड़ी भैंस नस्ल · 600–900 kg · दूध 1000–1400 L · विशाल सींग · प्रभावशाली दिखावट · मांस और दूध दोनों
ICAR-NBAGR (करनाल) — भारत में 13 पंजीकृत भैंस नस्लें हैं। मुर्राह विश्व स्तर पर सर्वोच्च दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
🥩 अन्य प्रमुख भारतीय नस्लें भदावरी · नागपुरी · पंढरपुरी · तोडा · चिल्का
नस्लउत्पत्ति स्थानविशेषता
भदावरी (Bhadawari)उत्तर प्रदेश — आगरा, इटावा, भिंड · मध्य प्रदेश सीमावर्तीसर्वाधिक वसा% (12–14%) दूध · कम दूध पर अत्यधिक घी · भूरा-तांबे का रंग · सूखा-सहिष्णु · छोटे किसानों के लिए आदर्श
नागपुरी (Nagpuri)महाराष्ट्र — नागपुर, विदर्भ क्षेत्र · मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेशदूध 700–1000 L · सफेद रंग · लम्बे सीधे सींग · मांस और भार-कार्य में भी उपयुक्त · विदर्भ क्षेत्र की पहचान
पंढरपुरी (Pandharpuri)महाराष्ट्र — सोलापुर, सांगली, कोल्हापुरदूध 700–900 L · सफेद रंग · लम्बे चपटे सींग · दक्षिण महाराष्ट्र में लोकप्रिय · दूध का वसा% 7%
तोडा (Toda)तमिलनाडु — नीलगिरि पहाड़ियाँ (ऊटी क्षेत्र)तोडा जनजाति की पवित्र भैंस · दूध 500–700 L · वसा% 8–9% · ऊँचाई पर रहने वाली · GI Tag प्राप्त · NBAGR संरक्षित
चिल्का (Chilika)ओडिशा — खुर्दा, पुरी (चिल्का झील क्षेत्र)छोटी नस्ल · 300–400 kg · दलदली-तटीय क्षेत्र के लिए · कम रखरखाव · ओडिशा के मछुआरों में लोकप्रिय
ICAR-NBAGR, करनाल (हरियाणा) — भारत में 13 पंजीकृत भैंस नस्लें। भदावरी का दूध विश्व में सबसे अधिक वसा% के लिए प्रसिद्ध है। Helpline: 0184-2267685
🐾 खुरपका-मुंहपका रोग (Foot & Mouth Disease — FMD)अत्यंत खतरनाक Picornavirus · Aphthovirus · अत्यधिक संक्रामक · भैंस में अधिक गम्भीर👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाहर 6 माह
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण (Introduction & Cause) Serotype O, A, Asia-1 · भैंस में दूध उत्पादन भारी नुकसान

खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) भैंस में भी गाय जितना ही घातक है। भैंस में Serotype O सबसे अधिक पाया जाता है। ICAR-IVRI की रिपोर्ट के अनुसार भारत में FMD से भैंसों को सालाना ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होता है — दूध उत्पादन में भारी कमी और खुर की क्षति मुख्य कारण हैं।

विषयविवरण
रोगकारकAphthovirus (Picornaviridae)
Serotypes (भैंस में)मुख्यतः Serotype O · साथ में A, Asia-1 भी
प्रसारसम्पर्क, हवा, दूषित चारा-पानी, पशु मेले
प्रभावित पशुभैंस, गाय, भेड़, बकरी, सूअर
मृत्यु दर (वयस्क)1–5% (पाड़ों में 50% तक)
भैंस में विशेषतादूध उत्पादन 60–80% तक गिर सकता है · पूरी लैक्टेशन प्रभावित
ICAR-IVRI सन्दर्भIVRI, Izatnagar · FMD Control Programme (GoI)
🩺 लक्षण (Symptoms) बुखार · मुंह-खुर पर छाले · लार बहना · लंगड़ाना
लक्षणविवरण
तेज़ बुखार104–106°F (40–41°C), अचानक आता है
मुंह में छालेजीभ, मसूड़े, तालू पर छोटे दाने → बड़े छाले → घाव
लार टपकनामुंह से लगातार लार/झाग बहना, जुगाली बंद
खुरों में छालेखुरों के बीच सूजन, दर्द, भैंस लंगड़ाने लगती है
दूध में भारी कमीदूध उत्पादन 60–80% तक घट जाता है · पूरी लैक्टेशन प्रभावित
थनों पर घावदूधारू भैंसों के थनों पर भी छाले बन सकते हैं
पाड़ों में मृत्युयुवा पाड़ों में हृदय पर प्रभाव → मृत्यु संभव
पाड़ों में FMD अधिक घातक होता है — मृत्यु दर 50% तक हो सकती है। तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
💊 उपचार एवं प्रबंधन (Treatment & Management) लक्षणात्मक उपचार · घाव की देखभाल · आइसोलेशन
FMD का कोई सीधा एंटीवायरल उपचार नहीं है। उपचार लक्षणात्मक होता है। मुख्य लक्ष्य — द्वितीयक संक्रमण रोकना, घाव ठीक करना, पशु को सहारा देना।
उपचारविधि / दवा
मुंह के घावफिटकरी + पानी या Potassium Permanganate (1:1000) से धोना · Boroglycerin paste लगाना
खुर के घावCuSO₄ (5%) या Phenol (1%) से धोना · Copper Sulphate footbath
बुखारMeloxicam / Flunixin Meglumine (पशु चिकित्सक द्वारा)
द्वितीयक संक्रमणOxytetracycline / Ampicillin (पशु चिकित्सक द्वारा)
आहारनरम चारा, दलिया, हरा घास · कठोर भूसा न दें
आइसोलेशनबीमार पशु को 14 दिन अलग रखें · पानी-चारा अलग
परिसरSodium Carbonate (4%) या Sodium Hydroxide से छिड़काव
💉 टीकाकरण (Vaccination — FMD) Trivalent Vaccine O+A+Asia-1 · ICAR-IVRI / GoI Programme
विषयविवरण
टीके का प्रकारInactivated Trivalent Oil-adjuvanted Vaccine (O+A+Asia-1)
पहला टीका4 माह की आयु में
बूस्टरपहले टीके के 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणहर 6 माह पर (साल में 2 बार)
सरकारी योजनाGoI — FMD-CP (FMD Control Programme) — निःशुल्क
टीका कहाँ मिलेगाICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सालय · सरकारी कैम्प
सावधानीगर्भवती भैंस को टीका — पशु चिकित्सक की सलाह से ही
सरकारी कार्यक्रम: भारत सरकार के FMD-CP कार्यक्रम के अंतर्गत गाय-भैंस को निःशुल्क FMD टीकाकरण मिलता है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
🔴 लंपी स्किन डिज़ीज़ (Lumpy Skin Disease — LSD)बहुत खतरनाक Capripoxvirus · भैंस में भी व्यापक प्रकोप · वायरल रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Capripoxvirus · मच्छर-मक्खी से फैलता है · भैंस में गाँठें

लंपी स्किन डिज़ीज़ (LSD) Capripoxvirus के कारण होने वाला वायरल रोग है जो भैंसों को भी प्रभावित करता है। 2022 में भारत में भैंसों में भी यह बड़े पैमाने पर फैला। यह मुख्यतः मच्छर, मक्खी, जूँ और टिक के माध्यम से फैलता है। भैंस की गहरी खाल के कारण गाँठें देर से दिखती हैं।

विषयविवरण
रोगकारकCapripoxvirus (Poxviridae परिवार)
प्रसारमच्छर, मक्खी, टिक, जूँ (कीट-वाहक), सीधा सम्पर्क
भैंस में विशेषतागहरी काली खाल के कारण गाँठें देर से दिखती हैं · ध्यान से जाँचें
मृत्यु दर1–3% (भैंस में अपेक्षाकृत कम)
IVRI योगदानLumpi-ProVacInd (ICAR-IVRI + NRCE विकसित)
🩺 लक्षण (Symptoms) चमड़ी पर गाँठें · बुखार · आँख-नाक बहना · दूध कमी
चरणलक्षण
प्रारम्भिक (1-3 दिन)तेज़ बुखार (104-106°F), आँखों से पानी, नाक बहना, भूख कम
मुख्य (4-14 दिन)पूरे शरीर पर 2–5 cm व्यास की गोल-गोल सख्त गाँठें बनना
गाँठों का विकासगाँठें पकती हैं → फटती हैं → गहरे घाव बनते हैं
लसीका ग्रंथियाँगले, कंधे की लसीका ग्रंथियाँ सूज जाती हैं
दूध उत्पादन40–60% तक कमी · थनों पर भी गाँठें बन सकती हैं
भैंस की खालकाली खाल पर गाँठें कम दिखती हैं — हाथ से छूकर जाँचें
💊 उपचार एवं प्रबंधन लक्षणात्मक उपचार · घाव प्रबंधन · कीट नियंत्रण
उपचारविधि
घावों की सफाईPovidone-Iodine (Betadine) से धोना · Zinc oxide ointment लगाना
बुखारMeloxicam / Phenylbutazone (पशु चिकित्सक द्वारा)
द्वितीयक संक्रमणBroad-spectrum Antibiotics — Oxytetracycline / Enrofloxacin
मच्छर-मक्खी नियंत्रणCypermethrin spray · Neem oil · मच्छरदानी
आइसोलेशनकम से कम 28 दिन अलग रखें
पोषणविटामिन A+E, खनिज मिश्रण, हरा चारा अधिक दें
ICAR-IVRI की उपलब्धि: ICAR-IVRI और NRCE ने मिलकर स्वदेशी Lumpi-ProVacInd टीका विकसित किया जो भैंसों के लिए भी उपयोगी है।
💉 टीकाकरण (Lumpi-ProVacInd) ICAR-IVRI + NRCE विकसित · स्वदेशी टीका · भैंस के लिए भी
विषयविवरण
टीके का नामLumpi-ProVacInd
विकसित कियाICAR-IVRI, Bareilly + ICAR-NRCE, Bikaner
टीके का प्रकारLive Attenuated Vaccine (Sheep Pox Vaccine से)
आयु4 माह से ऊपर सभी पशुओं को
पुनः टीकाकरणवार्षिक (प्रकोप क्षेत्र में तुरंत)
उपलब्धतापशु चिकित्सालय · सरकारी शिविर · IVRI केन्द्र
👃 बफेलो हर्पीस वायरस / BHV संक्रमणमध्यम खतरनाक Bovine Herpesvirus-1 (BHV-1) · श्वसन+प्रजनन रोग · भैंस में गर्भपात👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाउपलब्ध
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण BHV-1 · भैंस में गर्भपात मुख्य समस्या

भैंस में Bovine Herpesvirus-1 (BHV-1) संक्रमण श्वसन तंत्र, आँखें और प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है। भैंस में यह रोग विशेषतः गर्भपात और बाँझपन के रूप में अधिक देखा जाता है। एक बार संक्रमित होने के बाद वायरस latent रहता है।

लक्षणविवरण
तेज़ बुखार104–106°F · अचानक आना
नाक बहनापहले पानी जैसा · फिर गाढ़ा पीला स्राव
आँखें लालConjunctivitis · आँखों से स्राव · Cornea पर सफेद धब्बे
खाँसीसूखी खाँसी · साँस लेने में कठिनाई · Tracheitis
गर्भपातगर्भवती भैंस में गर्भपात · बाँझपन — भैंस में प्रमुख समस्या
पाड़ों मेंEncephalitis (मस्तिष्क सूजन) · अधिक घातक
उपचारविधि
वायरल उपचारकोई एंटीवायरल नहीं · सहायक उपचार
आइसोलेशनबीमार पशु को तुरंत अलग करें
Anti-inflammatoryMeloxicam/Flunixin (बुखार-सूजन के लिए)
AntibioticsSecondary bacterial infection रोकने के लिए
टीकाकरणMLV (Modified Live Virus) या KV (Killed Virus) Vaccine · 4-6 माह पर पहला
💉 टीकाकरण — BHV Vaccine MLV / KV Vaccine · गर्दन में इंजेक्शन · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का प्रकारMLV (Modified Live Vaccine) या KV (Killed Vaccine)
पहला टीका4–6 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणवार्षिक — प्रजनन सीज़न से पहले
इंजेक्शन स्थानगर्दन की मांसपेशी (Intramuscular — IM) या नाक में (Intranasal)
मात्रा2 ml (IM) — पशु चिकित्सक के अनुसार
गर्भवती भैंसMLV न दें — KV (Killed) ही दें · पशु चिकित्सक की सलाह लें
💨 गलघोंटू / घुरघुरा (Haemorrhagic Septicaemia — HS)अत्यंत खतरनाक Pasteurella multocida · Serotype B:2 · भैंस में अधिक संवेदनशीलता · वर्षाकाल👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Pasteurella multocida Type B:2 · भैंस अधिक प्रभावित

गलघोंटू (HS) Pasteurella multocida Serotype B:2 जीवाणु के कारण होता है। भारत में भैंस इस रोग के प्रति गाय से अधिक संवेदनशील है। बिना उपचार के पशु की मृत्यु 24–72 घंटों में हो जाती है। वर्षा के बाद (जून-सितंबर) सबसे अधिक प्रकोप होता है।

विषयविवरण
रोगकारकPasteurella multocida (B:2)
मुख्य मौसमजून–सितंबर (वर्षाकाल)
मृत्यु दर90–100% (बिना उपचार)
मृत्यु की गति24–72 घंटे में मृत्यु संभव
भैंस की विशेषताभैंस गाय से अधिक संवेदनशील — भारत में भैंसों में मृत्यु दर अधिक
प्रसारसंक्रमित पशु का मल-मूत्र, दूषित जल, चारा
🩺 लक्षण (Symptoms) तेज़ बुखार · गले में सूजन · साँस में तकलीफ · मृत्यु
लक्षणविवरण
तेज़ बुखार106–107°F (41–42°C) · अचानक
गले-गर्दन में सूजनगर्दन + गले के आसपास गर्म, दर्दनाक सूजन
साँस की कठिनाईघुरघुराने की आवाज़ · मुंह खोलकर साँस लेना
लार बहनामुंह से झाग/लार बहना · जीभ बाहर
चाल विकारलड़खड़ाना · भैंस की पीठ मुड़ जाती है
मृत्यु24–72 घंटे में अगर उपचार न हो
आपातकाल: गलघोंटू में तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ — बिना उपचार 24-72 घंटे में मृत्यु हो सकती है।
💊 उपचार एवं टीकाकरण Oxytetracycline · HS Vaccine · वार्षिक
उपचार/टीकाविवरण
मुख्य एंटीबायोटिकOxytetracycline LA (20%) — IV / IM (पशु चिकित्सक द्वारा)
वैकल्पिकAmpicillin + Sulbactam · Penicillin G
सहायक उपचारIV Fluids (NS/RL) · Corticosteroids (गम्भीर में)
टीका (HS Vaccine)Oil Adjuvant HS Vaccine · ICAR-IVRI, Izatnagar
पहला टीका6 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणवार्षिक — वर्षाकाल से पहले (मई-जून)
संयुक्त टीकाHS+BQ Combined Vaccine उपलब्ध
🖤 एकटंगिया / ब्लैक क्वार्टर (Black Quarter — BQ)अत्यंत खतरनाक Clostridium chauvoei · मांसपेशी रोग · 6-24 माह के पाड़े अधिक संवेदनशील👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Clostridium chauvoei · मिट्टी जनित रोग · वर्षाकाल

ब्लैक क्वार्टर (BQ/एकटंगिया) Clostridium chauvoei जीवाणु के बीजाणुओं से होता है। 6–24 माह के स्वस्थ और मोटे पाड़े अधिक संवेदनशील होते हैं। भारत में वर्षाकाल में इसका प्रकोप अधिक होता है।

लक्षणविवरण
अचानक लंगड़ानाकंधे, जाँघ, पीठ की मांसपेशियाँ अचानक सूज जाती हैं
सूजन में आवाज़सूजन को दबाने पर Crepitus (चरमराने की आवाज़) आती है
गर्म-दर्दनाक सूजनपहले गर्म, दर्दनाक → बाद में ठंडी, सुन्न, काली
तेज़ बुखार106–107°F · अचानक
मांसपेशी काली पड़नाप्रभावित क्षेत्र काला, गंधयुक्त (gas gangrene)
मृत्यु12–48 घंटे में बिना उपचार मृत्यु
उपचार/टीकाविवरण
एंटीबायोटिकHigh dose Penicillin G (IV) — तुरंत पशु चिकित्सक द्वारा
BQ Antiserumउपलब्ध हो तो तुरंत दें
टीका (BQ Vaccine)Formalin-inactivated C. chauvoei · ICAR-IVRI विकसित
पहला टीका6 माह की आयु में · बूस्टर 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक (वर्षाकाल से पहले)
💉 टीकाकरण — BQ Vaccine (एकटंगिया) Formalin-inactivated Vaccine · गर्दन में IM · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का प्रकारFormalin-inactivated C. chauvoei Vaccine (BQ Vaccine)
संयुक्त टीकाHS+BQ Combined Vaccine — एक ही इंजेक्शन में दोनों बीमारियों से बचाव
पहला टीका6 माह की आयु में
बूस्टरपहले टीके के 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक — वर्षाकाल से पहले (मई–जून)
इंजेक्शन स्थानगर्दन की मांसपेशी (Intramuscular — IM)
मात्रा5 ml (IM) — पशु चिकित्सक के अनुसार
कहाँ मिलेगाICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सालय · सरकारी कैम्प
सरकारी कार्यक्रम: HS+BQ Combined Vaccine वर्षाकाल से पहले सरकारी कैम्पों में निःशुल्क लगाई जाती है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
⚠️ गिल्टी रोग / एंथ्रेक्स (Anthrax)अत्यंत खतरनाक · Zoonotic Bacillus anthracis · मिट्टी में बीजाणु · मनुष्यों के लिए भी खतरनाक👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Bacillus anthracis · Zoonotic · अचानक मृत्यु

एंथ्रेक्स Bacillus anthracis जीवाणु के बीजाणुओं के कारण होता है। यह Zoonotic रोग है — पशु से मनुष्यों में भी फैल सकता है। भैंस में अचानक मृत्यु इसका प्रमुख लक्षण है।

विषयविवरण
रोगकारकBacillus anthracis (बीजाणु मिट्टी में 60+ वर्ष तक जीवित)
मुख्य लक्षणअचानक मृत्यु · नाक/मुंह से काला खून · सूजन
मृत्यु दर80–100% (बिना उपचार)
Peracute formबिना लक्षण 1–2 घंटे में मृत्यु · मुंह-नाक से खून
मरे पशु काशव न चीरें — spores फैलते हैं · 5 फुट गहरा दफनाएं+चूना डालें
उपचारHigh dose Penicillin G + Anthrax Antiserum (शीघ्र)
टीकाLive Anthrax Spore Vaccine · ICAR-IVRI, Izatnagar · वार्षिक
💉 टीकाकरण — Anthrax Spore Vaccine Live Sterne Strain · SC इंजेक्शन · वार्षिक · प्रकोप क्षेत्र में अनिवार्य
सावधानी: Anthrax Vaccine एक Live vaccine है — इसे केवल पशु चिकित्सक ही लगाएँ। टीके के 10 दिन पहले और बाद में Antibiotic न दें।
विषयविवरण
टीके का प्रकारLive Anthrax Spore Vaccine (Sterne Strain 34F2)
पहला टीका6 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणवार्षिक — प्रकोप वाले क्षेत्रों में मार्च–अप्रैल
इंजेक्शन स्थानगर्दन के नीचे की त्वचा के नीचे (Subcutaneous — SC)
मात्रा1 ml (SC) — ICAR-IVRI निर्देशानुसार
गर्भवती भैंसLive vaccine — पशु चिकित्सक की सलाह अनिवार्य
🍼 थनैला रोग (Mastitis)भैंस में सबसे आम · आर्थिक नुकसान Staphylococcus/Streptococcus · भैंस में Subclinical Mastitis अधिक · जीवाणु रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
नुकसान₹6000 cr/वर्ष
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण S. aureus · Str. agalactiae · भैंस में Subclinical अधिक

थनैला (Mastitis) भैंसों में भी सबसे आम और आर्थिक रूप से हानिकारक रोग है। भैंस में Subclinical Mastitis का प्रचलन अधिक है जिसे किसान अक्सर पहचान नहीं पाते। भारत में इससे भैंस पालकों को सालाना ₹6,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होता है।

प्रकारमुख्य रोगकारक जीवाणुविशेषता
Contagious MastitisS. aureus, Str. agalactiaeथन से थन में · दूध निकालते वक्त
Environmental MastitisE. coli, Klebsiella, Streptococcusवातावरण से · गंदगी में अधिक
Subclinical MastitisS. aureus, CNSबाहरी लक्षण नहीं · भैंस में अधिक — CMT से पकड़ें
🩺 लक्षण (Clinical & Subclinical) थन सूजन · दूध में बदलाव · भैंस में Subclinical अधिक
प्रकारलक्षण
Clinical (सामान्य)थन लाल, सूजा, गर्म, दर्दनाक · दूध में गुच्छे/मवाद · दूध कम
Peracute (गम्भीर)तेज़ बुखार · पूरे थन में सूजन · भैंस खड़ी न हो · Septicemia
Subclinical (छुपा हुआ)बाहरी लक्षण नहीं · SCC > 2 लाख/ml · भैंस में बहुत आम · CMT से पकड़ें
CMT Test घर पर करें: दूध की कुछ बूँदें + CMT reagent मिलाएँ — अगर गाढ़ा हो जाए तो Subclinical Mastitis है। भैंस में यह बहुत आम है — नियमित जाँच करें।
💊 उपचार, बचाव एवं प्रबंधन Antibiotic Therapy · Dry Cow Therapy · स्वच्छता
उपायविधि
Intramammary InfusionCloxacillin / Penicillin+Novobiocin Infusion — थन में (पशु चिकित्सक)
Systemic AntibioticsCeftiofur / Ampicillin / Oxytetracycline — IM/IV
Dry Period Therapyदूध सूखने पर Dry Cow Antibiotic Tube लगाएँ — भैंस में अनिवार्य
स्वच्छताथन धोना · दूध दुहने से पहले-बाद में Iodine dip · बर्तन साफ
दुग्ध क्रमपहले स्वस्थ भैंस, बाद में बीमार भैंस का दूध निकालें
❌ गलत प्रबंधन
  • गंदे हाथों से दूध निकालना
  • दूध दुहने के बाद थन न धोना
  • बीमार-स्वस्थ भैंस एक साथ
  • Subclinical को नज़रअंदाज़ करना
✅ सही प्रबंधन
  • दुहने से पहले थन Iodine से पोंछें
  • दुहने के बाद Post-dip ज़रूर करें
  • Dry Period Therapy अपनाएँ
  • CMT Test नियमित करें
💉 टीकाकरण — Mastitis Vaccine S. aureus / Str. agalactiae Vaccine · Dry Period में · IM इंजेक्शन
विषयविवरण
टीके का प्रकारStaphylococcal / Streptococcal Mastitis Vaccine (Killed)
कब लगाएँDry Period (दूध सूखने के समय) में — ब्याने से 6–8 सप्ताह पहले
बूस्टरपहले इंजेक्शन के 2 सप्ताह बाद दूसरा
इंजेक्शन स्थानगर्दन या कंधे के पीछे की मांसपेशी (Intramuscular — IM)
मात्रा2–5 ml (IM) — लेबल के अनुसार
Dry Period Therapyटीके के साथ Dry Cow Antibiotic Tube भी लगाएँ — भैंस में अनिवार्य
🩸 थाइलेरिया / रक्त परजीवी रोग (Theileriosis)बहुत खतरनाक Theileria annulata · Tick-borne · भैंस में देशी नस्ल भी प्रभावित👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकेसीमित
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Theileria annulata · Hyalomma tick · Buparvaquone उपचार

थाइलेरिया Theileria annulata प्रोटोज़ोआ परजीवी के कारण होता है जो Hyalomma टिक से फैलता है। भैंस में देशी नस्ल भी इससे प्रभावित होती है, हालाँकि विदेशी नस्ल की संकर भैंसें अधिक संवेदनशील हैं।

लक्षणविवरण
तेज़ बुखार105–107°F · लगातार · पहला प्रमुख लक्षण
लसीका ग्रंथियाँ सूजनाकंधे + गले की ग्रंथियाँ सूज जाती हैं
पीली आँखेंIcterus (पीलिया) · आँख-मुंह की झिल्ली पीली-सफेद
Haemoglobinuriaलाल/भूरे रंग का पेशाब · RBC टूटने से
साँस कठिनाईफेफड़ों में तरल · नाक से झाग
दूध कमीदूध लगभग बंद हो जाता है
उपचारविधि
मुख्य दवाBuparvaquone (Butalex) — IM (पशु चिकित्सक द्वारा)
SupportiveIV Fluids · Haematinics · Vitamin B12
किलनी नियंत्रणCypermethrin / Deltamethrin spray · नियमित Acaricide
भैंस में विशेषभैंस की मोटी खाल में टिक देखना कठिन — नियमित जाँच करें
💉 टीकाकरण एवं बचाव — Theileriosis Buparvaquone IM · Tick Control · सीमित टीका उपलब्धता
थाइलेरिया का कोई व्यापक रूप से उपलब्ध टीका भारत में अभी नहीं है। बचाव का मुख्य तरीका Tick (किलनी) नियंत्रण और तुरंत इलाज है।
विषयविवरण
मुख्य दवाBuparvaquone (Butalex) — 2.5 mg/kg — Intramuscular (IM)
मात्रा (उदाहरण)300 kg भैंस → 30 ml Buparvaquone
Tick नियंत्रणDeltamethrin / Cypermethrin spray — हर 15–21 दिन · पूरे शरीर पर
Acaricide DipAmitraz (0.05%) में पूरी भैंस डुबोएँ — प्रकोप में
टीकाICAR-IVRI में शोध जारी · अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं
भैंस की मोटी खाल में किलनी देखना कठिन है — कान के पीछे, पेट के नीचे, जाँघ में और पूँछ के पास ध्यान से जाँचें। नियमित Acaricide spray सबसे ज़रूरी है।
🥛 दुग्ध ज्वर (Milk Fever / Hypocalcaemia)प्रसव के बाद Blood Calcium कमी · ब्याने के 24-72 घंटे बाद · भैंस में अधिक सामान्य👆 Click करें — विवरण खुलेगा
उपचारIV Calcium
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Hypocalcaemia · ब्याने के बाद · Calcium Borogluconate IV

दुग्ध ज्वर भैंस में ब्याने के बाद रक्त में कैल्शियम की अचानक कमी के कारण होता है। भैंस में यह गाय की तुलना में अधिक आम है क्योंकि भैंस का दूध अधिक वसायुक्त और कैल्शियम-युक्त होता है। अधिक दूध देने वाली भैंसें अधिक संवेदनशील होती हैं।

चरणलक्षण
Stage 1 (हल्का)बेचैनी · खुरों से ज़मीन खुरचना · हल्का कंपकंपी
Stage 2 (सामान्य)भैंस उठ नहीं पाती · गर्दन S-आकार में मुड़ जाती है · ठंडे कान
Stage 3 (गम्भीर)पूरी तरह लेट · बेहोशी · मृत्यु का खतरा
उपचार / बचावविधि
मुख्य उपचारCalcium Borogluconate (20–25%) — IV (धीरे-धीरे) — पशु चिकित्सक
Sub-cut भी दे सकतेCalcium Borogluconate SC — विभिन्न स्थानों पर
बचाव — आहारब्याने से 2 सप्ताह पहले से Calcium supplement · Vit D₃
ब्याने के बादCalcium Drench (मुँह से) — 24 और 48 घंटे पर · भैंस में अनिवार्य
💉 इंजेक्शन विधि — Calcium Borogluconate IV/SC IV Calcium · धीरे-धीरे · नस में या त्वचा के नीचे
विषयविवरण
मुख्य दवाCalcium Borogluconate 20–25% Solution (450 ml bottle)
IV (नस में)गर्दन की जुगुलर नस में — पशु चिकित्सक द्वारा — बहुत धीरे (30 मिनट में)
SC (त्वचा के नीचे)गर्दन, कंधे, पसली के पास — 2–3 अलग-अलग जगह बाँट कर दें
मात्रा (भैंस)450–500 ml Calcium Borogluconate (IV) — भैंस का वज़न अधिक होता है
गतिबहुत धीरे दें — तेज़ देने से दिल की धड़कन बिगड़ सकती है
Vitamin D3ब्याने से 2–8 दिन पहले Vitamin D3 injection — बचाव के लिए
IV Calcium खुद न दें — Jugular नस में injection और Calcium की गति का सही अनुमान ज़रूरी है। गलत गति से Cardiac arrest हो सकता है। हमेशा पशु चिकित्सक को बुलाएँ।
🌬️ अफारा / तिम्पनी (Bloat / Ruminal Tympany)तुरंत उपचार ज़रूरी रूमेन में गैस जमा · हरे चारे से · भैंस में बायाँ पेट फूलना👆 Click करें — विवरण खुलेगा
प्रकार2 प्रकार
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Frothy Bloat · Free Gas Bloat · Trocar उपयोग
प्रकारकारणविशेषता
Frothy BloatLegume (लोबिया, बरसीम, ल्यूसर्न) अधिक खाने सेझाग वाली गैस · Foam stabilizers से
Free Gas Bloatरूमेन से गैस निकलने का रास्ता बंदशुद्ध गैस · Oesophagus blockage
लक्षणविवरण
बायीं पसली उभरनाबायाँ पेट (Rumen) गुब्बारे जैसा फूल जाता है
साँस कठिनाईभैंस मुंह खोलकर साँस लेती है · बेचैनी
पेट पर ठोकने परDrum जैसी आवाज़ (Tympanic resonance)
अचानक मृत्युगम्भीर तिम्पनी में श्वसन रुकने से मृत्यु
उपचारविधि
हल्के मामलेनमक-सरसों तेल (250 ml) मुँह से · हल्की चाल · पेट की मालिश
Frothy BloatPoloxalene (Bloat Guard) 30–60 g · Dimethicone (Antifoaming agent)
Stomach TubeOesophageal tube से गैस निकालना (पशु चिकित्सक)
आपातकालTrocar & Cannula — बायीं पसली में needle डालकर गैस निकालना
बचावसूखे भूसे के बाद हरा चारा दें · गीले बरसीम न खिलाएँ
🌿 बचाव एवं आहार प्रबंधन हरे चारे का सही उपयोग · Anti-bloat उपाय
बचावतरीका
चारा क्रमपहले सूखा भूसा दें — फिर हरा चारा · खाली पेट बरसीम कभी नहीं
गीला बरसीमओस वाला या गीला बरसीम न दें · धूप में सुखाएँ
Anti-bloat blockPoloxalene lick block — हरे चारे के साथ रखें
सरसों तेलहरा चारा देते वक्त 50–100 ml सरसों तेल मिलाएँ
चरागाह बचावLegume वाले खेत में धूप में ही भेजें · सुबह ओस में नहीं
भैंस के लिए विशेष: भैंस अधिक चारा खाती है — अफारे का खतरा भी अधिक है। हरे बरसीम और ल्यूसर्न से पहले हमेशा 1-2 kg सूखा भूसा दें।
📋 त्वरित सन्दर्भ तालिका
रोग प्रकार मुख्य लक्षण मृत्यु दर तुरंत उपाय
खुरपका-मुंहपका (FMD) वायरल मुंह-खुर पर छाले · लार · लंगड़ाना 1–5% (पाड़ों में अधिक) आइसोलेशन · पशु चिकित्सक · FMD Vaccine
लंपी स्किन (LSD) वायरल शरीर पर गाँठें · बुखार · दूध कमी 1–3% आइसोलेशन 28 दिन · मच्छर नियंत्रण
गलघोंटू (HS) जीवाणु गले सूजन · घुरघुराना · बुखार 90–100% तुरंत पशु चिकित्सक · Oxytetracycline IV
ब्लैक क्वार्टर (BQ) जीवाणु मांसपेशी काली · Crepitus · बुखार 80–100% तुरंत Penicillin G IV · पशु चिकित्सक
एंथ्रेक्स (Anthrax) जीवाणु (Zoonotic) अचानक मृत्यु · काला खून 80–100% शव न छुएँ · पशु विभाग को तुरंत सूचित
थनैला (Mastitis) जीवाणु थन सूजन · दूध में मवाद · Subclinical कम CMT test · Intramammary Infusion
थाइलेरिया परजीवी बुखार · पीलिया · लाल पेशाब 30–50% Buparvaquone IM · Tick control
दुग्ध ज्वर (Milk Fever) चयापचय ब्याने के बाद उठ न पाना · गर्दन मुड़ना 5–10% Calcium Borogluconate IV · तुरंत
अफारा (Bloat) पाचन बायाँ पेट फूलना · साँस कठिनाई 10–30% Antifoaming agent · Stomach tube · Trocar
BHV संक्रमण वायरल नाक बहना · खाँसी · गर्भपात 5–10% आइसोलेशन · Antibiotics (secondary)
ICAR-IVRI हेल्पलाइन: ICAR-Indian Veterinary Research Institute, Izatnagar, Bareilly (UP) — 243122 | वेबसाइट: ivri.nic.in | पशु रोग निदान सेवाएँ उपलब्ध
A
लेखक / पशुपालन विशेषज्ञ
Ashish Singh
ICAR-IVRI डेटा आधारित पशु चिकित्सा जानकारी · upkisanseva.in

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