🏥 ICAR-IVRI पशु चिकित्सा गाइड 2026
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महत्वपूर्ण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। पशु बीमार होने पर तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
इक्वाइन इन्फ्लुएंज़ा (EIV) घोड़ों का सबसे आम और अत्यधिक संक्रामक वायरल श्वसन रोग है। यह Influenza A Virus (मुख्यतः H3N8 और H7N7 subtype) के कारण होता है। यह रोग हवा में मौजूद बूँदों (Droplets) और दूषित उपकरण-बर्तन से तेज़ी से फैलता है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Influenza A Virus (H3N8, H7N7) |
| परिवार | Orthomyxoviridae |
| प्रसार | हवा, दूषित पानी/बर्तन, नाक का स्राव, सीधा सम्पर्क |
| प्रभावित पशु | घोड़ा, खच्चर, गधा · अश्व प्रजाति सभी |
| मृत्यु दर | 1–5% (जटिलताओं में अधिक) |
| संवेदनशील आयु | 1–3 वर्ष के युवा घोड़े अधिक प्रभावित |
| ICAR-IVRI सन्दर्भ | IVRI, Izatnagar · NRC Equine, Hisar |
| लक्षण | विवरण |
| तेज़ बुखार | 103–106°F (39.5–41°C), अचानक 1–3 दिन तक |
| सूखी खाँसी | लगातार तेज़ खाँसी — कई हफ्तों तक रह सकती है |
| नाक से स्राव | पहले पानी जैसा, फिर गाढ़ा पीला/हरा स्राव |
| थकान-कमज़ोरी | घोड़ा सुस्त, दाना-पानी छोड़ देता है |
| आँखों में सूजन | आँखें लाल, पानी आना (Conjunctivitis) |
| पैरों में सूजन | पैरों में Edema (सूजन) बन सकती है |
| जटिलता | निमोनिया, Pleuritis (गम्भीर मामलों में) |
EIV के बाद घोड़े को कम से कम 3 हफ्ते पूर्ण आराम दें — समय से पहले काम पर लगाने से Myocarditis हो सकती है।
EIV का कोई सीधा एंटीवायरल उपचार नहीं है। उपचार लक्षणात्मक होता है।
| उपचार | विधि / दवा |
| आराम | कम से कम 3 सप्ताह पूर्ण विश्राम — सबसे ज़रूरी |
| बुखार/दर्द | Phenylbutazone / Flunixin Meglumine (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| द्वितीयक संक्रमण | Trimethoprim-Sulphamethoxazole / Penicillin+Gentamicin |
| नाक की सफाई | Steam inhalation · Saline nasal wash |
| आहार | हरा चारा, दलिया, ताज़ा पानी · भूसा कम दें |
| आइसोलेशन | बीमार घोड़े को 21 दिन अलग · उपकरण अलग |
| विषय | विवरण |
| टीके का प्रकार | Inactivated Bivalent Vaccine (H3N8 + H7N7) |
| पहला टीका | 4–6 माह की आयु में |
| बूस्टर | पहले के 4 हफ्ते बाद, फिर 6 माह बाद |
| पुनः टीकाकरण | हर 6–12 माह (race / show horses को 6 माह पर) |
| टीका कहाँ मिलेगा | NRC Equine, Hisar · ICAR-IVRI · पशु चिकित्सालय |
| सावधानी | बुखार में टीका न लगाएँ · पशु चिकित्सक की सलाह लें |
रोकथाम: प्रतिवर्ष EIV टीकाकरण करवाएँ — विशेषकर अश्व मेला, दौड़ या प्रदर्शनी से पहले अनिवार्य है।
इक्वाइन हर्पीसवायरस (EHV) घोड़ों में कई प्रकार के गम्भीर रोग पैदा करता है। EHV-1 गर्भपात, तंत्रिका तंत्र क्षति और श्वसन रोग का कारण बनता है। EHV-4 मुख्यतः श्वसन रोग करता है। यह वायरस संक्रमित घोड़े के नाक के स्राव से और गर्भपात के बाद के ऊतकों से फैलता है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | EHV-1 (Neuropathogenic), EHV-4 (Respiratory) |
| परिवार | Alphaherpesviridae |
| प्रसार | नाक स्राव, गर्भपात के ऊतक, दूषित उपकरण |
| EHV-1 प्रभाव | गर्भपात · Myeloencephalopathy · श्वसन रोग |
| EHV-4 प्रभाव | मुख्यतः श्वसन रोग · कभी-कभी गर्भपात |
| Latency | ठीक हुए घोड़े में वायरस सुप्त (Latent) रह सकता है |
| रूप | लक्षण |
| श्वसन रूप | बुखार, नाक बहना, खाँसी, सुस्ती — EHV-1 और EHV-4 दोनों |
| गर्भपात रूप | गर्भावस्था के 7–11 माह में अचानक गर्भपात (EHV-1) |
| तंत्रिका रूप (EHM) | पिछले पैरों में कमज़ोरी → पक्षाघात → लेटे रहना |
| नवजात बछड़ा | संक्रमित माँ से जन्मा बछड़ा कमज़ोर, जल्द मृत्यु |
| मूत्र विकार | EHM में मूत्र रोककर नहीं पाना |
EHM (Equine Herpesvirus Myeloencephalopathy) EHV-1 का सबसे घातक रूप है — तुरंत पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
| उपचार/टीका | विवरण |
| Antiviral | Acyclovir / Valacyclovir (EHM में) — पशु चिकित्सक द्वारा |
| NSAID | Flunixin / Phenylbutazone — बुखार व दर्द |
| तंत्रिका सहायक | Corticosteroids (EHM) · IV Fluids · Vitamin E+Selenium |
| आइसोलेशन | 28 दिन अलग · गर्भवती घोड़ियाँ विशेष सावधानी |
| EHV Vaccine | Modified Live / Killed Vaccine — EHV-1+4 |
| गर्भवती घोड़ी | 5, 7, 9 माह की गर्भावस्था में टीका (EHV-1 रोकथाम) |
EVA Equine Arterivirus के कारण होता है जो रक्त वाहिकाओं (Arteries) की दीवारों को नुकसान पहुँचाता है। यह सम्भोग, श्वसन और रक्त के माध्यम से फैलता है। नर घोड़ा (Stallion) लम्बे समय तक वाहक (Carrier) बना रह सकता है।
| लक्षण | विवरण |
| बुखार | 103–106°F · अचानक |
| आँखों की सूजन | Conjunctivitis · पलकें सूजी, आँखें लाल |
| पैरों में सूजन | पिछले पैरों में Edema · Scrotum में सूजन (नर में) |
| नाक बहना | पानी जैसा नाक स्राव |
| गर्भपात | गर्भवती घोड़ी में गर्भपात (3–10 माह में) |
| त्वचा पर चकत्ते | गर्दन, पैर पर urticaria (पित्ती) |
| उपचार/टीका | विवरण |
| NSAID | Flunixin / Phenylbutazone — बुखार व सूजन |
| Diuretics | Furosemide — पैरों की सूजन में |
| EVA Vaccine | Modified Live Virus Vaccine — breeding से पहले नर को |
| आइसोलेशन | Carrier Stallion को सावधानी से प्रजनन में उपयोग करें |
ग्लैंडर्स (Glanders) Burkholderia mallei जीवाणु के कारण होता है। यह एक Zoonotic रोग है जो घोड़े से मनुष्य में भी फैल सकता है। भारत में यह Notifiable Disease (सूचना देना अनिवार्य) है। यह घोड़े की सबसे भयंकर बीमारियों में से एक है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Burkholderia mallei (जीवाणु) |
| Zoonotic | हाँ — घोड़े से मनुष्य में फैल सकता है |
| Notifiable | हाँ — भारत में तुरंत सरकार को सूचित करना अनिवार्य |
| प्रसार | नाक का स्राव, घाव का पुँज, दूषित पानी/चारा |
| प्रभावित पशु | घोड़ा, खच्चर, गधा · मनुष्य (Zoonosis) |
| मृत्यु दर | Acute: 90-100% · Chronic: धीरे-धीरे |
| रूप | लक्षण |
| Pulmonary (फेफड़े) | बुखार, खाँसी, साँस में तकलीफ, नाक से गाढ़ा स्राव |
| Nasal (नाक) | नाक में घाव-अल्सर, नाक की हड्डी में विकार, पुँज (Pus) |
| Cutaneous/Farcy | चमड़ी पर गाँठें → फोड़े → घाव · लसीका ग्रंथि सूजन |
| Acute Form | तेज़ बुखार, निमोनिया, मृत्यु 2–4 हफ्ते में |
| Chronic Form | महीनों-वर्षों तक नाक से पुँज, कमज़ोरी, क्षय |
Zoonotic खतरा: ग्लैंडर्स मनुष्य में भी फैलता है। संक्रमित घोड़े को छूते समय दस्ताने, मास्क अनिवार्य। तुरंत पशु विभाग को सूचित करें।
ग्लैंडर्स में भारत सरकार के नियमानुसार Mallein Test Positive घोड़े को culling (humanely euthanize) किया जाता है — कोई टीका उपलब्ध नहीं।
| परीक्षण/उपचार | विवरण |
| Mallein Test | Mallein (intradermal) — निदान का मानक परीक्षण |
| CFT/ELISA | Complement Fixation Test / ELISA — पुष्टि |
| Antibiotics | Sulfadiazine + Trimethoprim · Doxycycline (अनुसंधान में) |
| सरकारी आदेश | Positive पशु — Culling अनिवार्य (Disease Control Act) |
| कोई टीका नहीं | ग्लैंडर्स का कोई commercial vaccine उपलब्ध नहीं |
| सूचना | तुरंत ज़िला पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें |
टिटनेस (धनुर्वात) Clostridium tetani जीवाणु के Tetanospasmin Neurotoxin के कारण होता है। घोड़े इस रोग के प्रति सभी पशुओं में सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। यह जीवाणु मिट्टी में वर्षों तक जीवित रहता है और घाव के ज़रिए शरीर में प्रवेश करता है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Clostridium tetani (Tetanospasmin Toxin) |
| प्रवेश मार्ग | घाव, नाल, सर्जरी, बधियाकरण के बाद |
| Incubation | 1–3 सप्ताह (कभी-कभी अधिक) |
| मृत्यु दर | 80–90% (बिना उपचार) |
| संवेदनशीलता | घोड़ा — सभी पशुओं में सबसे अधिक संवेदनशील |
| लक्षण | विवरण |
| Lockjaw (जबड़ा) | जबड़ा बंद हो जाता है — मुंह नहीं खुलता, खाना नहीं खा पाता |
| Sawhorse Stance | चारों पैर अकड़कर फैले, पूँछ ऊपर, गर्दन सख्त |
| तीसरी पलक | आँखों में Third Eyelid (Nictitating Membrane) आ जाती है |
| रोशनी-आवाज़ संवेदनशीलता | Hyperaesthesia — रोशनी-आवाज़ से मांसपेशी अकड़ जाती है |
| साँस कठिनाई | पसली की मांसपेशियाँ अकड़ → साँस रुक सकती है |
| पसीना | अत्यधिक पसीना · तेज़ हृदयगति |
आपातकाल: टिटनेस के लक्षण दिखते ही तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ — शांत, अंधेरे कमरे में रखें, शोर से बचाएँ।
| उपचार/टीका | विवरण |
| Tetanus Antitoxin (TAT) | जितना जल्दी हो — IV/IM · Toxin को neutralize करता है |
| Penicillin G | High dose · Clostridium tetani को मारने के लिए |
| Muscle Relaxants | Acepromazine / Diazepam — मांसपेशी अकड़ कम करने |
| IV Fluids | Nasogastric tube से पानी-पोषण (खाना नहीं खा सकता) |
| Tetanus Toxoid | Tetanus Toxoid Vaccine — पहला टीका + बूस्टर + वार्षिक |
| घाव के समय | किसी भी घाव/सर्जरी पर तुरंत TAT + Tetanus Toxoid लगाएँ |
रोकथाम: Tetanus Toxoid टीकाकरण — पहला, बूस्टर, फिर हर वर्ष — घोड़े के जीवन की रक्षा करता है।
स्ट्रैंगल्स Streptococcus equi equi जीवाणु के कारण होता है। यह युवा घोड़ों (1–5 वर्ष) में अत्यंत संक्रामक है। गले की लसीका ग्रंथियाँ (Sub-mandibular lymph nodes) सूज जाती हैं और पुँज (Abscess) बनता है।
| लक्षण | विवरण |
| बुखार | 103–106°F · अचानक · कई दिन |
| गले की सूजन | Sub-mandibular lymph nodes में बड़े-बड़े फोड़े |
| नाक से पुँज | नाक से गाढ़ा, पीला-हरा पुँज बहना |
| साँस में आवाज़ | गले में सूजन से साँस में Stridor (घरघराहट) |
| खाना-पानी बंद | दर्द के कारण पानी-चारा नहीं खाता |
| Bastard Strangles | फोड़ा आंतरिक अंगों में फटे — जीवन के लिए ख़तरा |
| उपचार/टीका | विवरण |
| Penicillin G | Penicillin G (IM/IV) — सबसे प्रभावी एंटीबायोटिक |
| Abscess management | फोड़ा पक जाने पर — Hot fomentation, फिर drainage |
| Strangles Vaccine | Intranasal MLV Vaccine — Streptococcus equi |
| आइसोलेशन | 21–28 दिन · साझा बर्तन-उपकरण बिल्कुल न दें |
इक्वाइन साल्मोनेलोसिस Salmonella typhimurium और अन्य Salmonella प्रजातियों के कारण होता है। नवजात बछड़े (Foals) और तनावग्रस्त घोड़े सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। दूषित पानी और चारा मुख्य कारण हैं।
| लक्षण | विवरण |
| तेज़ बुखार | 104–106°F · अचानक |
| दस्त | पानी जैसे, बदबूदार, कभी-कभी रक्त मिश्रित दस्त |
| पेट दर्द | पेट में मरोड़, घोड़ा बेचैन |
| निर्जलीकरण | आँखें धँसी, त्वचा की Elasticity कम |
| Foal में | नवजात में जल्दी Septicemia → मृत्यु |
| उपचार | विवरण |
| IV Fluids | Oral Rehydration / IV NS+RL — निर्जलीकरण ठीक करें |
| Antibiotics | Trimethoprim-Sulpha · Enrofloxacin (संवेदनशीलता के अनुसार) |
| Probiotics | आँत की सामान्य Bacteria बहाल करने के लिए |
| Biosafety | दूषित पानी-चारा तुरंत बदलें · बर्तन साफ करें |
कॉलिक घोड़े में पेट दर्द का सामान्य नाम है। यह घोड़े की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है। घोड़े की पाचन प्रणाली विशेष संरचना की होती है — वह उल्टी नहीं कर सकता — इसलिए गैस/अवरोध घातक हो जाता है। मुख्य कारण: चारे में अचानक बदलाव, खराब पानी, परजीवी, कसरत के बाद ठंडा पानी।
| प्रकार | विवरण |
| Gas Colic | बड़ी आँत में गैस जमा — सबसे आम, अक्सर ठीक होता है |
| Impaction Colic | मल/चारे से आँत में रुकावट — Pelvis flexure में अधिक |
| Volvulus | आँत मुड़/घूम जाती है — सर्जरी आवश्यक · जानलेवा |
| Sand Colic | रेत/मिट्टी खाने से आँत में जमाव |
| Spasmodic | आँत की मांसपेशियों में ऐंठन — अक्सर अचानक ठीक |
| लक्षण | विवरण |
| पेट देखना-मारना | घोड़ा बार-बार अपने पेट की ओर देखता है, पाँव से मारता है |
| लोटना-पलटना | ज़मीन पर लोटता है → Volvulus का खतरा बढ़ता है |
| पसीना | अत्यधिक पसीना — दर्द का संकेत |
| हृदयगति बढ़ना | 60+ BPM (सामान्य 28–44) — गम्भीरता का संकेत |
| गुड़गुड़ाहट बंद | आँत की आवाज़ (Gut sounds) कम या बंद |
| मल नहीं | मल त्याग बंद — Impaction का संकेत |
आपातकाल: कॉलिक में घोड़े को लोटने से रोकें — Volvulus का खतरा बढ़ता है। तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
| उपचार | विवरण |
| Flunixin Meglumine | दर्दनिवारक (NSAID) — IV (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| Nasogastric Tube | पेट की गैस निकालना · Mineral oil / Liquid paraffin देना |
| IV Fluids | निर्जलीकरण, Impaction में — Hartmann's Solution |
| Walk कराएँ | हल्का टहलाना — Gas Colic में राहत · पर लोटने न दें |
| Surgery (Colic sx) | Volvulus, Intussusception में — आपात शल्य चिकित्सा |
| रोकथाम | नियमित deworming · चारे में बदलाव धीरे-धीरे · साफ पानी |
लैमिनाइटिस खुर की आंतरिक परतों (Sensitive Laminae) की सूजन है। इसमें Pedal Bone (Coffin Bone) नीचे की ओर घूम सकती है जो बेहद दर्दनाक होती है। मुख्य कारण: अधिक अनाज/हरी घास, कठोर ज़मीन पर दौड़, Cushing's Disease, मोटापा।
| विषय | विवरण |
| कारण | Grain Overload · Rich Grass · Obesity · Cushing's Disease |
| प्रभावित खुर | आगे के दोनों खुर (Front feet) अधिक |
| Pedal Bone | Rotation / Sinking — Chronic में खुर तले से निकल सकती है |
| संवेदनशील नस्लें | Pony, Warmblood, मोटे घोड़े अधिक |
| लक्षण | विवरण |
| Leaning Back | पिछले पैरों पर वज़न — आगे के खुर में दर्द से बचने के लिए |
| Digital Pulse | खुर की नस में तेज़ नब्ज़ महसूस होती है |
| गर्म खुर | प्रभावित खुर को छूने पर गर्म लगता है |
| लोटना | दर्द इतना तीव्र — घोड़ा लेट जाता है |
| चलने से मना | कठोर ज़मीन पर चलने से इनकार |
| उपचार | विवरण |
| NSAID | Phenylbutazone / Flunixin — दर्द-सूजन कम करना |
| Deep Bedding | नरम बिस्तर (Sand/Shavings) — खुर को आराम |
| Corrective Shoeing | Farrier द्वारा विशेष जूते — Pedal Bone सहारा |
| Diet Control | अनाज बंद · सीमित घास · Low-sugar diet |
| Cold Therapy | Acute phase में ठंडे पानी में खुर रखना |
सुर्रा Trypanosoma evansi प्रोटोज़ोआ परजीवी के कारण होता है। यह Tabanid (घोड़ा-मक्खी / Tabanus) और Stomoxys मक्खियों के काटने से फैलता है। भारत में घोड़ों में यह सबसे आम और घातक रक्त-परजीवी रोग है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Trypanosoma evansi (Protozoan Parasite) |
| वाहक | Tabanus (घोड़ा-मक्खी), Stomoxys (stable fly) |
| प्रसार | Mechanical — मक्खी का काटना · दूषित सुई |
| प्रभावित पशु | घोड़ा, ऊँट, कुत्ता · घोड़ा सबसे संवेदनशील |
| मृत्यु दर | Untreated — लगभग 100% (Acute form) |
| मौसम | वर्षाकाल — मक्खियाँ अधिक होती हैं |
| लक्षण | विवरण |
| आती-जाती बुखार | Intermittent fever — कभी बुखार, कभी ठीक दिखना |
| तेज़ कमज़ोरी | घोड़ा दुबला होता जाता है · काम नहीं कर पाता |
| Edema | पेट के नीचे, पैरों में, जननांग में सूजन |
| Anemia | आँखों-मुंह की झिल्ली पीली/सफेद |
| तंत्रिका लक्षण | लड़खड़ाना, पक्षाघात — Chronic/Terminal stage |
| मृत्यु | Acute — हफ्तों में · Chronic — महीनों में |
| उपचार/रोकथाम | विवरण |
| Diminazene Aceturate | Berenil (3.5 mg/kg IM) — सुर्रा की प्रमुख दवा |
| Suramin | IV — Renal toxicity का ध्यान · पशु चिकित्सक द्वारा |
| Isometamidium | Treatment + Prophylaxis दोनों में उपयोगी |
| Supportive | Vitamin B12 · Iron supplements · पोषण सहायता |
| मक्खी नियंत्रण | Cypermethrin spray · Insect repellent · मच्छरदानी |
| निदान | Blood Smear (Giemsa stain) · CATT Test · PCR |
रोकथाम: वर्षाकाल में Tabanus मक्खियों का नियंत्रण करें और घोड़े पर Insect repellent लगाएँ।
📊 घोड़े के 10 रोग — त्वरित सारांश
| रोग | श्रेणी | मुख्य लक्षण | मृत्यु दर | उपचार/टीका |
| इक्वाइन इन्फ्लुएंज़ा | वायरल | बुखार · खाँसी · नाक बहना | 1–5% | आराम · NSAID · EIV Vaccine |
| EHV (हर्पीस) | वायरल | गर्भपात · पक्षाघात · श्वसन | 5–15% | Acyclovir · EHV Vaccine |
| EVA | वायरल | बुखार · सूजन · गर्भपात | कम | NSAID · EVA Vaccine |
| ग्लैंडर्स | जीवाणु | नाक घाव · फेफड़े · Farcy | 90-100% | Culling अनिवार्य |
| धनुर्वात | जीवाणु | जबड़ा बंद · Sawhorse stance | 80–90% | TAT · Penicillin · Toxoid |
| स्ट्रैंगल्स | जीवाणु | गले की गाँठें · नाक पुँज | 5% | Penicillin · Strangles Vaccine |
| साल्मोनेलोसिस | जीवाणु | बुखार · दस्त · Septicemia | 10–30% | IV Fluids · Antibiotics |
| कॉलिक | पाचन | पेट दर्द · लोटना · पसीना | 10–30%+ | Flunixin · Tube · Surgery |
| लैमिनाइटिस | चयापचय | खुर दर्द · Leaning back | कम (Chronic) | NSAID · Diet · Corrective shoeing |
| सुर्रा | परजीवी | बुखार · कमज़ोरी · Anemia | ~100% | Diminazene · Fly control |
ICAR-IVRI हेल्पलाइन: ICAR-Indian Veterinary Research Institute, Izatnagar, Bareilly (UP) — 243122 | NRC on Equine, Hisar (Haryana) | वेबसाइट: ivri.nic.in | घोड़े रोग निदान सेवाएँ उपलब्ध