ICAR-IVRI, Bareilly द्वारा मान्यता प्राप्त — 10 प्रमुख पशु रोगों की सम्पूर्ण जानकारी — लक्षण, कारण, बचाव, दवाएँ, टीकाकरण चार्ट और भारतीय बकरी नस्लें सहित
🐐 बकरी के 10 प्रमुख रोग + नस्ल गाइड — सम्पूर्ण लक्षण, कारण व उपचार
🏥 ICAR-IVRI पशु चिकित्सा गाइड 2026
10
प्रमुख रोग
3
रोग श्रेणियाँ
7+
टीके उपलब्ध
20+
भारतीय नस्लें
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महत्वपूर्ण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। बकरी बीमार होने पर तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
🌿भारतीय बकरी नस्लें — नस्ल, उत्पत्ति स्थान, विशेषतासम्पूर्ण गाइडदूध · मांस · द्विउद्देशीय नस्लें · उत्पत्ति राज्य · ICAR-CIRG डेटा👆 Click करें — विवरण खुलेगा
स्रोतICAR-CIRG
3 खंड
🥛प्रमुख दूध देने वाली नस्लेंजमुनापारी · बारबरी · बीटल · सुरती · मालाबारी
नस्ल
उत्पत्ति स्थान
विशेषता
जमुनापारी (Jamunapari)
उत्तर प्रदेश — इटावा, चकरनगर (यमुना-चम्बल क्षेत्र)
भारत की सबसे बड़ी दूध देने वाली नस्ल · दूध 200–300 L/लैक्टेशन · लम्बी टाँगें, बड़े कान · रोमन नाक · विश्व बकरी पालन में आधारभूत नस्ल
बारबरी (Barbari)
उत्तर प्रदेश — आगरा, मथुरा, इटावा · अफ्रीका के बरबेरा से आई
दूध 150–200 L/लैक्टेशन · छोटी, गठीली, तेज़ वृद्धि · मांस और दूध दोनों · शहरी क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय · जुड़वाँ बच्चे अधिक
बीटल (Beetal)
पंजाब — गुरदासपुर, अमृतसर · पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र
दूध 150–250 L/लैक्टेशन · बड़े आकार की · चमकदार लाल-भूरी खाल · लम्बे मुड़े हुए सींग · मांस और दूध
सुरती (Surti)
गुजरात — सूरत, वड़ोदरा जिला
दूध 150–200 L/लैक्टेशन · सफेद रंग · छोटे-मध्यम आकार · वसा% 3.5–4.5 · नमक-सहिष्णु
मालाबारी (Malabari)
केरल — मालाबार तट, कालीकट, कन्नूर
दूध 120–180 L/लैक्टेशन · उष्णकटिबन्धीय जलवायु के लिए आदर्श · काला-भूरा रंग · रोग-प्रतिरोधक क्षमता अधिक
ओस्मानाबादी (Osmanabadi)
महाराष्ट्र — लातूर, उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जिला
दूध 100–150 L/लैक्टेशन · काला रंग · सूखे-अर्धशुष्क क्षेत्र के लिए · मांस और दूध दोनों · रोग-प्रतिरोधी
ICAR-CIRG (Makhdoom, Mathura) भारत का केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान है जो जमुनापारी, बारबरी जैसी नस्लों का संरक्षण व अनुसंधान करता है।
🥩प्रमुख मांस देने वाली नस्लेंब्लैक बंगाल · सिरोही · मारवाड़ी · कच्छी · गंजम
नस्ल
उत्पत्ति स्थान
विशेषता
ब्लैक बंगाल (Black Bengal)
पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बांग्लादेश
भारत की सर्वश्रेष्ठ मांस नस्ल · तेज़ परिपक्वता · जुड़वाँ-तिड़वाँ बच्चे · त्वचा की उच्च गुणवत्ता (Nappa leather) · छोटे आकार · रोग-प्रतिरोधक
सिरोही (Sirohi)
राजस्थान — सिरोही जिला (माउंट आबू क्षेत्र)
मांस और दूध दोनों · भूरे धब्बेदार रंग · अर्धशुष्क जलवायु के लिए · 25–35 kg वयस्क वजन · लम्बे मुड़े कान
मारवाड़ी (Marwari)
राजस्थान — जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर (थार मरुस्थल)
रेगिस्तान की कठोर परिस्थितियों के लिए · काली-भूरी खाल · मांस और उन (Cashmere जैसा) · 25–30 kg · सूखे में भी जीवित
कच्छी (Kutchi)
गुजरात — कच्छ जिला
बड़ी मांस नस्ल · 35–45 kg · सफेद-काले रंग · लम्बे लटकते कान · दूध भी मध्यम · रेतीली जमीन के लिए
गंजम (Ganjam)
ओडिशा — गंजाम, बोलनगीर जिला
मांस के लिए · 20–28 kg · काले-भूरे रंग · खुले चराई के लिए उपयुक्त · कम लागत पालन
सांगमनेरी (Sangamneri)
महाराष्ट्र — नासिक, अहमदनगर, पुणे
मांस और दूध · सफेद रंग · 30–40 kg · महाराष्ट्र में लोकप्रिय · कठिन जलवायु सहिष्णु
📊अन्य प्रमुख नस्लें एवं तुलनात्मक चार्टतेलिचेरी · चेगु · गद्दी · कोटी · झलावाड़ी
नस्ल
उत्पत्ति स्थान
मुख्य उपयोग
विशेषता
तेलिचेरी (Tellicherry)
केरल — तेलिचेरी (कन्नूर)
मांस
30–40 kg · तेज़ वृद्धि · दक्षिण भारत में सर्वाधिक · काला-भूरा रंग
चेगु (Chegu)
हिमाचल प्रदेश — लाहौल-स्पीति, किन्नौर
उन (Pashmina)
Pashmina ऊन देती है · ऊँचाई पर रहने वाली · 15–22 kg · अत्यंत दुर्लभ
गद्दी (Gaddi)
हिमाचल प्रदेश / जम्मू-कश्मीर — पहाड़ी क्षेत्र
मांस + उन
पहाड़ी नस्ल · सफेद रंग · 20–30 kg · ऊन भी देती है
झलावाड़ी (Jhalavadi)
गुजरात — झालावाड़, भावनगर
मांस + दूध
लम्बे मुड़े सींग · काले-भूरे धब्बे · 25–35 kg
कोडी आडु (Kodi Adu)
तमिलनाडु — कोयम्बटूर, सलेम
मांस
छोटी नस्ल · 18–25 kg · तेज़ प्रजनन दर · जुड़वाँ बच्चे सामान्य
बोअर (Boer) — विदेशी
दक्षिण अफ्रीका (भारत में आयातित)
मांस (विशेष)
सबसे तेज़ वृद्धि दर · 50–80 kg · सफेद शरीर लाल सिर · Cross breeding में उपयोग
ICAR-CIRG, Makhdoom (Mathura, UP) — भारत का केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान। यहाँ सभी प्रमुख नस्लों का संरक्षण, उन्नयन और अनुसंधान होता है। Helpline: 0565-2763320
🔥PPR — पेस्ट डेस पेटिट्स रुमिनेंट्स / गोट प्लेगअत्यंत खतरनाकMorbillivirus · OIE सूचित रोग · बकरी-भेड़ में 90% मृत्यु दर · वायरल👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाहर 3 वर्ष
4 खंड
🔬रोग परिचय एवं कारणPPR Virus (Morbillivirus) · Lineage II/IV · भारत में सर्वाधिक नुकसान
PPR (Peste des Petits Ruminants) बकरियों और भेड़ों का सबसे खतरनाक वायरल रोग है। इसे 'बकरी प्लेग' या 'छोटे जुगाली पशुओं का मरी रोग' भी कहते हैं। यह OIE (WOAH) सूचित रोग है। भारत में Lineage IV सबसे अधिक पाया जाता है। यह रोग खसरे (Measles) के वायरस से सम्बंधित है।
विषय
विवरण
रोगकारक
PPR Virus (Morbillivirus) — Paramyxoviridae परिवार
Lineage (भारत)
Lineage IV (सर्वाधिक) · Lineage II भी
प्रसार
सीधा सम्पर्क, नाक-मुंह का स्राव, मल, दूषित चारा-पानी
मृत्यु दर
तीव्र रूप में 80–90% · युवा बकरियों में 100% तक
प्रभावित पशु
बकरी, भेड़ · ऊँट में भी · गाय-भैंस प्रतिरोधी
मौसम
वर्षाकाल और ठंड में अधिक प्रकोप
ICAR-IVRI सन्दर्भ
IVRI Mukteswar, Nainital · National PPR Control Programme (GoI)
🩺लक्षण (Symptoms)तेज़ बुखार · मुंह में घाव · दस्त · निमोनिया · मृत्यु
चरण
लक्षण
प्रारम्भिक (1–3 दिन)
तेज़ बुखार (104–106°F) · आँखों-नाक से स्राव · मुंह में लालिमा · भूख बंद
मुंह के घाव (3–5 दिन)
होंठ, मसूड़े, तालू पर परत · मुंह से बदबू · लार बहना · जुगाली बंद
दस्त (5–10 दिन)
तीव्र पानी जैसे दस्त · मल में खून · कमज़ोरी · निर्जलीकरण
श्वसन (साथ में)
खाँसी · साँस में घुरघुराहट · निमोनिया के लक्षण
गर्भपात
गर्भवती बकरी में गर्भपात अत्यधिक सामान्य
मृत्यु
7–10 दिन में · तीव्र रूप में 2–3 दिन में मृत्यु
PPR एक Notifiable Disease है। प्रकोप होने पर तुरंत पशु चिकित्सालय और ज़िला पशुपालन विभाग को सूचित करें। बकरी को अन्य पशुओं से अलग करें।
💊उपचार एवं प्रबंधनसहायक उपचार · Fluid Therapy · निमोनिया नियंत्रण
PPR का कोई सीधा एंटीवायरल उपचार नहीं है। उपचार सहायक (Supportive) होता है। मुख्य लक्ष्य: निर्जलीकरण रोकना, दूसरे संक्रमण रोकना, पोषण देना।
उपचार
विधि / दवा
Fluid Therapy
ORS (Oral Rehydration) या IV Fluid — निर्जलीकरण रोकें
बुखार
Meloxicam या Flunixin Meglumine — IM/SC (पशु चिकित्सक)
द्वितीयक निमोनिया
Oxytetracycline (20 mg/kg) या Enrofloxacin — IM 5 दिन
मुंह के घाव
Glycerin + Borax (बोरेक्स ग्लिसरीन) से मुंह साफ करें
दस्त
Kaolin-Pectin mixture · Metronidazole (माध्यमिक)
विटामिन
Vitamin B-complex + Vitamin C injection · ताकत के लिए
आइसोलेशन
बीमार बकरी को कम से कम 21 दिन अलग रखें
💉टीकाकरण — PPR Vaccine (IVRI)Live Attenuated Vaccine · Sungri-96 Strain · GoI निःशुल्क कार्यक्रम
विषय
विवरण
टीके का नाम
PPR Live Attenuated Vaccine (Sungri 96 Strain)
विकसित किया
ICAR-IVRI, Mukteswar, Nainital (Uttarakhand)
टीके का प्रकार
Live Attenuated — 1 ml SC या IM
पहला टीका
4 माह की आयु में
पुनः टीकाकरण
हर 3 वर्ष (3 साल तक immunity)
सरकारी योजना
GoI — National PPR Control Programme (निःशुल्क)
इंजेक्शन स्थान
गर्दन के नीचे त्वचा के नीचे (Subcutaneous — SC)
गर्भवती बकरी
Live vaccine — पशु चिकित्सक की सलाह से · ब्याने से 1 माह पहले न दें
सरकारी कार्यक्रम: भारत सरकार के PPR Control Programme के अंतर्गत सभी राज्यों में बकरी-भेड़ को निःशुल्क PPR टीकाकरण मिलता है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
🐾खुरपका-मुंहपका रोग (Foot & Mouth Disease — FMD)अत्यंत खतरनाकAphthovirus · Serotype O, A, Asia-1 · अत्यधिक संक्रामक · बकरी में Carrier बनती है👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाहर 6 माह
4 खंड
🔬रोग परिचय एवं कारणSerotype O, A, Asia-1 · बकरी में कम लक्षण पर Carrier बनती है
बकरी में FMD होता है परन्तु लक्षण गाय-भैंस से कम गम्भीर होते हैं। बकरी लम्बे समय तक Carrier बन सकती है और अन्य पशुओं में वायरस फैला सकती है। भारत में Serotype O सबसे सामान्य है।
विषय
विवरण
रोगकारक
Aphthovirus (Picornaviridae)
Serotypes (बकरी में)
मुख्यतः Serotype O · A, Asia-1 भी
बकरी की विशेषता
Subclinical Carrier बनती है · कम लक्षण · फिर भी फैलाती है
प्रसार
सम्पर्क, हवा, दूषित चारा-पानी, मेला-बाज़ार
मृत्यु दर
वयस्क में कम · मेमनों में 20–30% तक
नुकसान
दूध उत्पादन कमी · वज़न घटना · प्रजनन क्षमता प्रभावित
🔴बकरी माता / बकरी चेचक (Goat Pox — Capripox)बहुत खतरनाकCapripoxvirus · OIE सूचित · बकरी में भेड़ पॉक्स से अलग वायरस👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬रोग परिचय, लक्षण एवं कारणGoatpox Virus · त्वचा पर चकत्ते · बुखार · मृत्यु दर 5–10%
बकरी माता Capripoxvirus (Goatpox Virus — GTPV) के कारण होती है। यह भेड़ पॉक्स (SPPV) से अलग वायरस है। OIE सूचित रोग होने के कारण इसकी रिपोर्टिंग अनिवार्य है। मेमनों में मृत्यु दर 25% तक हो सकती है।
विषय
विवरण
रोगकारक
Goatpox Virus (GTPV) — Capripoxvirus
प्रसार
सीधा सम्पर्क, दूषित चारा-पानी, मक्खी-मच्छर
मृत्यु दर
वयस्क 5–10% · मेमनों में 25–75%
OIE Status
Notifiable Disease — तुरंत सूचित करें
लक्षण
विवरण
बुखार
104–106°F · अचानक · 3–5 दिन
त्वचा पर चकत्ते
थन, पेट, कमर, मुंह, आँखों के आसपास · 0.5–2 cm के दाने
दाने बढ़ना
Papule → Vesicle → Pustule → Scab (पपड़ी) → घाव
आँखें
Conjunctivitis · आँखों से स्राव · कभी-कभी अंधापन
श्वसन
खाँसी · साँस में कठिनाई · फेफड़ों में घाव
मेमनों में
अत्यधिक घातक · generalized pox · मृत्यु 75% तक
💊उपचार एवं प्रबंधनघाव प्रबंधन · द्वितीयक संक्रमण नियंत्रण
उपचार
विधि
घावों की सफाई
Povidone-Iodine (Betadine 5%) से धोना · Zinc Oxide cream
बुखार
Meloxicam / Phenylbutazone — पशु चिकित्सक
द्वितीयक संक्रमण
Oxytetracycline / Enrofloxacin — 5–7 दिन
आँखों का उपचार
Oxytetracycline Eye Ointment
आइसोलेशन
28 दिन अलग · कीट नियंत्रण अनिवार्य
💉टीकाकरण — Goat Pox VaccineICAR-IVRI Mukteswar · Live Attenuated · वार्षिक
विषय
विवरण
टीके का नाम
Goat Pox Live Attenuated Vaccine (Uttarkashi Strain)
विकसित किया
ICAR-IVRI, Mukteswar, Nainital
आयु
3 माह से ऊपर
पुनः टीकाकरण
वार्षिक (प्रकोप क्षेत्र में हर 6 माह)
इंजेक्शन स्थान
कान की जड़ के पास त्वचा में (Intradermal — ID)
मात्रा
1 ml (Intradermal)
💨गलघोंटू (Haemorrhagic Septicaemia — HS)अत्यंत खतरनाकPasteurella multocida · Serotype B:2 · बकरी में कम · भेड़ में अधिक👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬रोग परिचय एवं कारणPasteurella multocida Type B:2 · वर्षाकाल
गलघोंटू (HS) Pasteurella multocida Serotype B:2 और E:2 जीवाणु के कारण होता है। बकरी में यह भैंस-गाय की तुलना में कम पाया जाता है, पर होने पर अत्यंत घातक होता है। 24–48 घंटों में मृत्यु हो सकती है।
विषय
विवरण
रोगकारक
Pasteurella multocida (B:2, E:2)
मुख्य मौसम
जून–अक्टूबर (वर्षाकाल + ठंड की शुरुआत)
मृत्यु दर
70–90% (बिना उपचार)
प्रसार
दूषित जल, मल-मूत्र, तनाव (कुपोषण/परिवहन) से सक्रिय
🩺लक्षण एवं उपचारतेज़ बुखार · गले में सूजन · Antibiotics · टीकाकरण
लक्षण
विवरण
तेज़ बुखार
106–107°F · अचानक · खाना-पीना बंद
गले में सूजन
गर्दन के आसपास सूजन · गर्म · दर्दनाक
साँस की कठिनाई
मुंह खोलकर साँस · घुरघुराहट की आवाज़
लार बहना
मुंह से लार · जीभ बाहर
मृत्यु
24–48 घंटे में · उपचार न होने पर
उपचार
विधि
Antibiotic (पहली पसंद)
Oxytetracycline (20 mg/kg IV/IM) · तुरंत शुरू करें
वैकल्पिक
Streptomycin + Penicillin · Enrofloxacin — 5–7 दिन
⚠️एंटेरोटॉक्सेमिया / पल्पी किडनी (Enterotoxaemia)बहुत खतरनाकClostridium perfringens Type C & D · मेमनों में अधिक · अचानक मृत्यु👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬रोग परिचय, लक्षण एवं कारणCl. perfringens Type C & D · अधिक चारा खाने के बाद · Pulpy Kidney
एंटेरोटॉक्सेमिया बकरी में Clostridium perfringens Type C और Type D के कारण होता है। जब बकरी अचानक अधिक हरा चारा या दाना खाती है, तो इन जीवाणुओं का आंत में अत्यधिक प्रजनन होता है और विष (Epsilon toxin) बनता है। इसे Pulpy Kidney Disease भी कहते हैं क्योंकि मृत्यु के बाद किडनी मुलायम हो जाती है।
विषय
विवरण
रोगकारक
Clostridium perfringens Type C (मेमने) और Type D (वयस्क)
मुख्य कारण
अचानक अधिक हरा चारा/दाना · आहार परिवर्तन
मृत्यु दर
लगभग 100% (उपचार न होने पर) · अचानक मृत्यु
प्रभावित
मेमने (Type C) · मोटे तगड़े बकरे (Type D)
लक्षण
विवरण
अचानक मृत्यु
सबसे स्वस्थ दिखने वाली बकरी अचानक मर जाती है · कोई लक्षण नहीं
ऐंठन
मांसपेशियों में ऐंठन · पीछे को झुकना (Opisthotonus)
पेट दर्द
पेट फूलना · बेचैनी · ज़मीन पर लोटना
दस्त
पानी जैसे खूनी दस्त (Type C में)
बेहोशी
अचानक गिरना · Coma · मृत्यु 2–4 घंटे में
💊उपचार एवं प्रबंधनAntiserum · Penicillin · आहार प्रबंधन
एंटेरोटॉक्सेमिया में मृत्यु बहुत तेज़ होती है। लक्षण दिखते ही तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
उपचार
विधि
Cl. perfringens Antiserum
Type C & D Antitoxin — IV (तुरंत) · पशु चिकित्सक
Antibiotic
Penicillin G — IV/IM · Metronidazole
Fluid Therapy
Dextrose Saline IV · निर्जलीकरण रोकें
आहार
तुरंत चारा बंद · 24 घंटे फास्टिंग · धीरे-धीरे शुरू करें
बचाव
आहार में अचानक बदलाव न करें · हरे चारे को धीरे-धीरे बढ़ाएँ
💉टीकाकरण — Enterotoxaemia VaccineClostridial Vaccine · Type C+D · वार्षिक
विषय
विवरण
टीके का प्रकार
Clostridium perfringens Type C+D Toxoid Vaccine
पहला टीका
6–8 सप्ताह की आयु में · बूस्टर 4 सप्ताह बाद
पुनः टीकाकरण
वार्षिक · गर्भवती बकरी को ब्याने से 6 सप्ताह पहले
इंजेक्शन स्थान
गर्दन या कंधे — Subcutaneous · 2 ml
गर्भवती बकरी में लाभ
माँ के दूध से मेमनों को Passive Immunity मिलती है
🫁निमोनिया / CCPP (Contagious Caprine Pleuropneumonia)बहुत खतरनाकMycoplasma capricolum · Pasteurella · बकरी में 80–100% मृत्यु दर · OIE सूचित👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाउपलब्ध
3 खंड
🔬रोग परिचय एवं कारणCCPP — Mycoplasma capricolum ssp. capripneumoniae
बकरी में निमोनिया के दो प्रकार हैं: (1) CCPP (Contagious Caprine Pleuropneumonia) — Mycoplasma के कारण, OIE सूचित, अत्यंत घातक; और (2) सामान्य निमोनिया — Pasteurella multocida, Mannheimia haemolytica के कारण। CCPP केवल बकरी में होता है।
प्रकार
रोगकारक
मृत्यु दर
CCPP (गम्भीर)
Mycoplasma capricolum ssp. capripneumoniae
80–100%
Pasteurella Pneumonia
Pasteurella multocida / Mannheimia haemolytica
30–60%
Viral Pneumonia
CAE Virus, Adenovirus
10–30%
लक्षण
विवरण
खाँसी
सूखी से गीली खाँसी · रात में अधिक
साँस की तकलीफ
मुंह खोलकर साँस · पेट से साँस लेना · नाक फड़कना
बुखार
104–107°F · अचानक आना
छाती में दर्द
CCPP में · छाती छूने पर बकरी कराहती है
नाक से स्राव
पहले पानीदार · फिर गाढ़ा पीला-हरा
💊उपचार एवं बचावTylosin · Oxytetracycline · आवास सुधार
उपचार
विधि
CCPP के लिए
Tylosin (10 mg/kg IM) · Tilmicosin · 5–7 दिन · केवल पशु चिकित्सक
Pasteurella के लिए
Oxytetracycline (20 mg/kg IM) · Enrofloxacin
बुखार
Meloxicam / Flunixin
Mucolytic
Bromhexine — कफ पतला करने के लिए
आवास
सूखा, हवादार, भीड़ न हो · नमी से बचाएँ
CCPP के लिए ICAR-IVRI ने CCPP Cell Culture Vaccine विकसित की है। प्रकोप वाले क्षेत्रों में टीकाकरण अनिवार्य करें।
🍼थनैला रोग / बकरी मैस्टाइटिस (Caprine Mastitis)आर्थिक नुकसान · आम रोगStaphylococcus · Streptococcus · CAE Virus · दूध उत्पादन नुकसान👆 Click करें — विवरण खुलेगा
नुकसानदूध में
3 खंड
🔬रोग परिचय एवं कारणS. aureus · CAE Virus · Subclinical बकरी में अधिक
बकरी में थनैला (Mastitis) Staphylococcus aureus, Streptococcus agalactiae, Coagulase Negative Staphylococci (CNS) और CAE Virus (Caprine Arthritis Encephalitis Virus) के कारण होती है। दूध देने वाली बकरियों में Subclinical Mastitis बहुत आम है।
प्रकार
मुख्य रोगकारक
विशेषता
Contagious Mastitis
S. aureus, Str. agalactiae
थन से थन में · दूध निकालते वक्त
Environmental Mastitis
E. coli, Klebsiella, Str. uberis
गंदगी-नमी से · बाड़े की सफाई जरूरी
Viral Mastitis (CAE)
Caprine Arthritis Encephalitis Virus
Hard Udder · थन पत्थर जैसा सख्त · लाइलाज
Subclinical Mastitis
S. aureus, CNS
बाहरी लक्षण नहीं · CMT से पकड़ें · बकरी में अधिक
🩺लक्षण एवं उपचारथन सूजन · दूध में बदलाव · Antibiotic Therapy
Dry Goat Therapy — दूध सूखने पर · बकरी में अनिवार्य
स्वच्छता
थन धोना · Teat Dip · बाड़ा साफ रखें
CMT Test: बकरी के दूध की 2–3 बूँदें + CMT reagent — अगर गाढ़ा/जेल बने तो Subclinical Mastitis। मासिक जाँच करें।
🛡️CAE — Caprine Arthritis Encephalitis VirusRetrovirus · Hard Udder · Arthritis · लाइलाज · बचाव ही उपाय
CAE का कोई इलाज नहीं है। CAE पॉजिटिव बकरी से पैदा मेमने को तुरंत अलग करें, पाश्चुरीकृत दूध पिलाएँ। झुंड से CAE पॉजिटिव बकरियों को अलग करें।
लक्षण
विवरण
Hard Udder (थन)
थन पत्थर जैसा सख्त · दूध न के बराबर
Arthritis (जोड़)
कार्पस जोड़ सूजे · लंगड़ापन · वयस्क बकरे में
Encephalitis
मेमनों में तंत्रिका लक्षण · लड़खड़ाना · मृत्यु
बचाव
मेमने को माँ का कोलोस्ट्रम न पिलाएँ (पाश्चुरीकृत करें) · ELISA जाँच कराएँ
🩸हीमोन्कोसिस / बारबर्स पोल वर्म (Haemonchosis)बहुत खतरनाक · मुख्य हत्याराHaemonchus contortus · रक्तचूसक कृमि · अनीमिया · बकरी की सबसे बड़ी परजीवी समस्या👆 Click करें — विवरण खुलेगा
Deworming3 माह
3 खंड
🔬रोग परिचय एवं कारणHaemonchus contortus · आमाशय कृमि · प्रतिदिन 0.05 ml रक्त प्रति कृमि
Haemonchus contortus (Barber's Pole Worm) बकरी के आमाशय में रहने वाला रक्तचूसक कृमि है। यह बकरी के सबसे घातक परजीवी रोगों में से एक है। एक संक्रमित बकरी के आमाशय में हज़ारों कृमि हो सकते हैं। प्रत्येक कृमि प्रतिदिन 0.05 ml रक्त चूसता है।
विषय
विवरण
रोगकारक
Haemonchus contortus (आमाशय कृमि — Abomasal Worm)
स्थान
Abomasum (आमाशय / 4th stomach)
मुख्य नुकसान
रक्त चूसना → Anaemia → मृत्यु
संक्रमण का तरीका
संक्रमित घास/चरागाह से L3 larvae निगलना
मुख्य मौसम
वर्षाकाल (जुलाई–सितंबर) में सबसे अधिक
FAMACHA Score
पलक (conjunctiva) के रंग से अनीमिया की जाँच · 1 (गुलाबी) से 5 (सफेद)
🩺लक्षण एवं उपचार (Deworming)पलकें सफेद · बोतल जबड़ा · कमज़ोरी · Albendazole / Ivermectin
लक्षण
विवरण
पलकें/मसूड़े सफेद
Anaemia का मुख्य लक्षण · FAMACHA Score 4–5
Bottle Jaw
जबड़े के नीचे पानी भरना (Submandibular oedema)
कमज़ोरी
बकरी ज़मीन पर बैठी रहे · खाना-पीना कम
दस्त / कब्ज
काले तारे जैसे दस्त (Tarry stool) / कब्ज
वज़न घटना
तेज़ी से वज़न कम होना · मेमनों में विकास रुकना
Deworming दवा
मात्रा / विधि
Albendazole (पहली पसंद)
7.5–10 mg/kg · मुंह से (Oral) · 3 माह पर
Ivermectin
0.2 mg/kg SC injection या oral · Mange+Worm दोनों
Fenbendazole
7.5 mg/kg · Oral · गर्भवती में सुरक्षित
Levamisole
7.5 mg/kg · Oral/SC · Resistance होने पर बदलें
Anthelmintic Resistance: एक ही दवा बार-बार न दें। हर बार Deworming की दवा बदलते रहें। FECRT (Faecal Egg Count Reduction Test) कराएँ।
Deworming Schedule: हर 3 माह पर · वर्षाकाल से पहले अनिवार्य · गर्भवती को ब्याने के 2 सप्ताह बाद · मेमनों को 4–6 सप्ताह की उम्र में।
🌿Anaemia का इलाज एवं पोषण प्रबंधनIron Injection · Blood Transfusion · Mineral Mixture
उपचार
विधि
Iron Injection
Iron Dextran 200 mg IM · मेमनों में 1 सप्ताह की उम्र में
Blood Transfusion
गम्भीर अनीमिया में · 10–15 ml/kg · compatible donor से
Mineral Mixture
Copper + Cobalt + Selenium · Haemoglobin बनाने में मदद
हरा चारा
अधिक हरा चारा, दाना · Protein सप्लीमेंट
🦠कॉक्सीडियोसिस / खूनी पेचिश (Coccidiosis)मेमनों में बहुत खतरनाकEimeria arloingi / E. caprina · 3–4 माह के मेमनों में अधिक · खूनी दस्त👆 Click करें — विवरण खुलेगा
बचावस्वच्छता
2 खंड
🔬रोग परिचय, लक्षण एवं कारणEimeria arloingi, E. caprina · आँत की परत को नुकसान · मेमनों में
कॉक्सीडियोसिस Eimeria प्रजाति के प्रोटोज़ोआ के कारण होता है। बकरी में Eimeria arloingi और Eimeria caprina सबसे घातक हैं। यह रोग मुख्यतः 3 सप्ताह से 4 माह के मेमनों में होता है।
विषय
विवरण
रोगकारक
Eimeria arloingi, E. caprina, E. ninakohlyakimovae
प्रभावित उम्र
3 सप्ताह – 4 माह के मेमने · तनाव/भीड़ में वयस्क भी
बाड़े की सफाई · मल जल्दी हटाएँ · भीड़ कम · Coccidiostat feed
🌬️अफारा / तिम्पनी (Ruminal Tympany — Bloat)आपातकाल · तुरंत इलाजहरे चारे का अधिक खाना · गैस बनना · पेट फूलना · 30 मिनट में मृत्यु👆 Click करें — विवरण खुलेगा
आपातकाल30 मिनट
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🔬रोग परिचय, लक्षण एवं कारणFrothy Bloat · Free Gas Bloat · अचानक हरा चारा
अफारा (Tympany / Bloat) तब होता है जब रूमेन (पहले आमाशय) में गैस इतनी बनती है कि बाहर नहीं निकल पाती। बकरी में Frothy Bloat (झागदार) और Free Gas Bloat दोनों होते हैं। बकरी अत्यंत संवेदनशील है — ओस भरी या बरसाती घास खाने पर तुरंत अफारा हो सकता है।
प्रकार
कारण
विशेषता
Frothy Bloat (झागदार)
ओस भरी बरसीम/लूसर्न · Legumes · भीगी घास
झाग के कारण गैस नहीं निकलती · अधिक खतरनाक
Free Gas Bloat
अन्नप्रणाली में रुकावट · आहार परिवर्तन
Trocar से गैस निकालना आसान
लक्षण
विवरण
पेट का बायाँ हिस्सा फूलना
बायाँ कूल्हा (Paralumbar fossa) ढोल जैसा फूल जाता है
बेचैनी
पैर पटकना · ज़मीन पर लोटना · बार-बार उठना-बैठना
साँस लेने में कठिनाई
मुंह खोलकर साँस · जीभ बाहर
Percussion Sound
पेट पर थपथपाने से ढोल जैसी आवाज़
मृत्यु
20–30 मिनट में · श्वास अवरोध से
🚨आपातकालीन उपचार एवं बचावSimethicone · Trocar · Stomach Tube · प्रबंधन
अफारा आपातकाल है। बकरी का पेट बायीं तरफ से ढोल जैसा फूले तो तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ। 20–30 मिनट में मृत्यु हो सकती है।
उपचार
विधि
तुरंत उठाकर खड़ा करें
बकरी को सामने से ऊँचा करके खड़ा करें — गैस निकलने में मदद
Stomach Tube
Rumen tube मुंह से डालकर गैस निकालें · Free Gas Bloat में
Simethicone/Dimethicone
Frothy Bloat के लिए · 30–50 ml oral · झाग तोड़ता है
Turpentine Oil
15–20 ml + 100 ml पानी Oral · Frothy Bloat में
Trocar & Cannula
गम्भीर अवस्था में · पशु चिकित्सक द्वारा · बायीं Paralumbar fossa में
❌ न करें
खाली पेट बरसीम-लूसर्न न दें
ओस भरी/गीली घास न दें
अचानक चारागाह में न छोड़ें
बकरी को लेटने दें — लाभदायक नहीं
✅ करें
पहले सूखा चारा, फिर हरा दें
धीरे-धीरे हरा चारा बढ़ाएँ
चरागाह में सूखे में ले जाएँ
Bloat Guard (Monensin) प्रयोग करें
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लेखक / पशु विशेषज्ञ
Ashish Singh
ICAR-IVRI डेटा आधारित · बकरी पालन विशेषज्ञ · upkisanseva.in