बकरी के रोग — लक्षण, कारण और उपचार 2026

ICAR-IVRI, Bareilly द्वारा मान्यता प्राप्त — 10 प्रमुख पशु रोगों की सम्पूर्ण जानकारी — लक्षण, कारण, बचाव, दवाएँ, टीकाकरण चार्ट और भारतीय बकरी नस्लें सहित

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विषय सूची — 10 प्रमुख बकरी रोग + नस्ल गाइड
10 रोग + नस्लें
🐐 नस्ल — उत्पत्ति स्थान — विशेषता
🌿भारतीय बकरी नस्लें — पूरी जानकारी
🦠 वायरल रोग
01🔥 PPR (पीपीआर / गोट प्लेग)
02🐾 खुरपका-मुंहपका (FMD)
03🔴 बकरी माता (Goat Pox)
🧫 जीवाणु रोग
04💨 गलघोंटू (HS)
05⚠️ एंटेरोटॉक्सेमिया (Pulpy Kidney)
06🫁 निमोनिया (Pneumonia)
07🍼 थनैला रोग (Mastitis)
🐛 परजीवी व चयापचय रोग
08🩸 हीमोन्कोसिस (Barber's Pole Worm)
09🦠 कॉक्सीडियोसिस (Blood Diarrhoea)
10🌬️ अफारा/तिम्पनी (Bloat)
IVRI Verified 2026 Edition टीकाकरण चार्ट सहित

🐐 बकरी के 10 प्रमुख रोग + नस्ल गाइड — सम्पूर्ण लक्षण, कारण व उपचार

🏥 ICAR-IVRI पशु चिकित्सा गाइड 2026
10
प्रमुख रोग
3
रोग श्रेणियाँ
7+
टीके उपलब्ध
20+
भारतीय नस्लें
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महत्वपूर्ण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। बकरी बीमार होने पर तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
🌿 भारतीय बकरी नस्लें — नस्ल, उत्पत्ति स्थान, विशेषतासम्पूर्ण गाइड दूध · मांस · द्विउद्देशीय नस्लें · उत्पत्ति राज्य · ICAR-CIRG डेटा👆 Click करें — विवरण खुलेगा
स्रोतICAR-CIRG
3 खंड
🥛 प्रमुख दूध देने वाली नस्लें जमुनापारी · बारबरी · बीटल · सुरती · मालाबारी
नस्लउत्पत्ति स्थानविशेषता
जमुनापारी (Jamunapari)उत्तर प्रदेश — इटावा, चकरनगर (यमुना-चम्बल क्षेत्र)भारत की सबसे बड़ी दूध देने वाली नस्ल · दूध 200–300 L/लैक्टेशन · लम्बी टाँगें, बड़े कान · रोमन नाक · विश्व बकरी पालन में आधारभूत नस्ल
बारबरी (Barbari)उत्तर प्रदेश — आगरा, मथुरा, इटावा · अफ्रीका के बरबेरा से आईदूध 150–200 L/लैक्टेशन · छोटी, गठीली, तेज़ वृद्धि · मांस और दूध दोनों · शहरी क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय · जुड़वाँ बच्चे अधिक
बीटल (Beetal)पंजाब — गुरदासपुर, अमृतसर · पाकिस्तान सीमावर्ती क्षेत्रदूध 150–250 L/लैक्टेशन · बड़े आकार की · चमकदार लाल-भूरी खाल · लम्बे मुड़े हुए सींग · मांस और दूध
सुरती (Surti)गुजरात — सूरत, वड़ोदरा जिलादूध 150–200 L/लैक्टेशन · सफेद रंग · छोटे-मध्यम आकार · वसा% 3.5–4.5 · नमक-सहिष्णु
मालाबारी (Malabari)केरल — मालाबार तट, कालीकट, कन्नूरदूध 120–180 L/लैक्टेशन · उष्णकटिबन्धीय जलवायु के लिए आदर्श · काला-भूरा रंग · रोग-प्रतिरोधक क्षमता अधिक
ओस्मानाबादी (Osmanabadi)महाराष्ट्र — लातूर, उस्मानाबाद (अब धाराशिव) जिलादूध 100–150 L/लैक्टेशन · काला रंग · सूखे-अर्धशुष्क क्षेत्र के लिए · मांस और दूध दोनों · रोग-प्रतिरोधी
ICAR-CIRG (Makhdoom, Mathura) भारत का केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान है जो जमुनापारी, बारबरी जैसी नस्लों का संरक्षण व अनुसंधान करता है।
🥩 प्रमुख मांस देने वाली नस्लें ब्लैक बंगाल · सिरोही · मारवाड़ी · कच्छी · गंजम
नस्लउत्पत्ति स्थानविशेषता
ब्लैक बंगाल (Black Bengal)पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बांग्लादेशभारत की सर्वश्रेष्ठ मांस नस्ल · तेज़ परिपक्वता · जुड़वाँ-तिड़वाँ बच्चे · त्वचा की उच्च गुणवत्ता (Nappa leather) · छोटे आकार · रोग-प्रतिरोधक
सिरोही (Sirohi)राजस्थान — सिरोही जिला (माउंट आबू क्षेत्र)मांस और दूध दोनों · भूरे धब्बेदार रंग · अर्धशुष्क जलवायु के लिए · 25–35 kg वयस्क वजन · लम्बे मुड़े कान
मारवाड़ी (Marwari)राजस्थान — जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर (थार मरुस्थल)रेगिस्तान की कठोर परिस्थितियों के लिए · काली-भूरी खाल · मांस और उन (Cashmere जैसा) · 25–30 kg · सूखे में भी जीवित
कच्छी (Kutchi)गुजरात — कच्छ जिलाबड़ी मांस नस्ल · 35–45 kg · सफेद-काले रंग · लम्बे लटकते कान · दूध भी मध्यम · रेतीली जमीन के लिए
गंजम (Ganjam)ओडिशा — गंजाम, बोलनगीर जिलामांस के लिए · 20–28 kg · काले-भूरे रंग · खुले चराई के लिए उपयुक्त · कम लागत पालन
सांगमनेरी (Sangamneri)महाराष्ट्र — नासिक, अहमदनगर, पुणेमांस और दूध · सफेद रंग · 30–40 kg · महाराष्ट्र में लोकप्रिय · कठिन जलवायु सहिष्णु
📊 अन्य प्रमुख नस्लें एवं तुलनात्मक चार्ट तेलिचेरी · चेगु · गद्दी · कोटी · झलावाड़ी
नस्लउत्पत्ति स्थानमुख्य उपयोगविशेषता
तेलिचेरी (Tellicherry)केरल — तेलिचेरी (कन्नूर)मांस30–40 kg · तेज़ वृद्धि · दक्षिण भारत में सर्वाधिक · काला-भूरा रंग
चेगु (Chegu)हिमाचल प्रदेश — लाहौल-स्पीति, किन्नौरउन (Pashmina)Pashmina ऊन देती है · ऊँचाई पर रहने वाली · 15–22 kg · अत्यंत दुर्लभ
गद्दी (Gaddi)हिमाचल प्रदेश / जम्मू-कश्मीर — पहाड़ी क्षेत्रमांस + उनपहाड़ी नस्ल · सफेद रंग · 20–30 kg · ऊन भी देती है
झलावाड़ी (Jhalavadi)गुजरात — झालावाड़, भावनगरमांस + दूधलम्बे मुड़े सींग · काले-भूरे धब्बे · 25–35 kg
कोडी आडु (Kodi Adu)तमिलनाडु — कोयम्बटूर, सलेममांसछोटी नस्ल · 18–25 kg · तेज़ प्रजनन दर · जुड़वाँ बच्चे सामान्य
बोअर (Boer) — विदेशीदक्षिण अफ्रीका (भारत में आयातित)मांस (विशेष)सबसे तेज़ वृद्धि दर · 50–80 kg · सफेद शरीर लाल सिर · Cross breeding में उपयोग
ICAR-CIRG, Makhdoom (Mathura, UP) — भारत का केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान। यहाँ सभी प्रमुख नस्लों का संरक्षण, उन्नयन और अनुसंधान होता है। Helpline: 0565-2763320
🔥 PPR — पेस्ट डेस पेटिट्स रुमिनेंट्स / गोट प्लेगअत्यंत खतरनाक Morbillivirus · OIE सूचित रोग · बकरी-भेड़ में 90% मृत्यु दर · वायरल👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाहर 3 वर्ष
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण PPR Virus (Morbillivirus) · Lineage II/IV · भारत में सर्वाधिक नुकसान

PPR (Peste des Petits Ruminants) बकरियों और भेड़ों का सबसे खतरनाक वायरल रोग है। इसे 'बकरी प्लेग' या 'छोटे जुगाली पशुओं का मरी रोग' भी कहते हैं। यह OIE (WOAH) सूचित रोग है। भारत में Lineage IV सबसे अधिक पाया जाता है। यह रोग खसरे (Measles) के वायरस से सम्बंधित है।

विषयविवरण
रोगकारकPPR Virus (Morbillivirus) — Paramyxoviridae परिवार
Lineage (भारत)Lineage IV (सर्वाधिक) · Lineage II भी
प्रसारसीधा सम्पर्क, नाक-मुंह का स्राव, मल, दूषित चारा-पानी
मृत्यु दरतीव्र रूप में 80–90% · युवा बकरियों में 100% तक
प्रभावित पशुबकरी, भेड़ · ऊँट में भी · गाय-भैंस प्रतिरोधी
मौसमवर्षाकाल और ठंड में अधिक प्रकोप
ICAR-IVRI सन्दर्भIVRI Mukteswar, Nainital · National PPR Control Programme (GoI)
🩺 लक्षण (Symptoms) तेज़ बुखार · मुंह में घाव · दस्त · निमोनिया · मृत्यु
चरणलक्षण
प्रारम्भिक (1–3 दिन)तेज़ बुखार (104–106°F) · आँखों-नाक से स्राव · मुंह में लालिमा · भूख बंद
मुंह के घाव (3–5 दिन)होंठ, मसूड़े, तालू पर परत · मुंह से बदबू · लार बहना · जुगाली बंद
दस्त (5–10 दिन)तीव्र पानी जैसे दस्त · मल में खून · कमज़ोरी · निर्जलीकरण
श्वसन (साथ में)खाँसी · साँस में घुरघुराहट · निमोनिया के लक्षण
गर्भपातगर्भवती बकरी में गर्भपात अत्यधिक सामान्य
मृत्यु7–10 दिन में · तीव्र रूप में 2–3 दिन में मृत्यु
PPR एक Notifiable Disease है। प्रकोप होने पर तुरंत पशु चिकित्सालय और ज़िला पशुपालन विभाग को सूचित करें। बकरी को अन्य पशुओं से अलग करें।
💊 उपचार एवं प्रबंधन सहायक उपचार · Fluid Therapy · निमोनिया नियंत्रण
PPR का कोई सीधा एंटीवायरल उपचार नहीं है। उपचार सहायक (Supportive) होता है। मुख्य लक्ष्य: निर्जलीकरण रोकना, दूसरे संक्रमण रोकना, पोषण देना।
उपचारविधि / दवा
Fluid TherapyORS (Oral Rehydration) या IV Fluid — निर्जलीकरण रोकें
बुखारMeloxicam या Flunixin Meglumine — IM/SC (पशु चिकित्सक)
द्वितीयक निमोनियाOxytetracycline (20 mg/kg) या Enrofloxacin — IM 5 दिन
मुंह के घावGlycerin + Borax (बोरेक्स ग्लिसरीन) से मुंह साफ करें
दस्तKaolin-Pectin mixture · Metronidazole (माध्यमिक)
विटामिनVitamin B-complex + Vitamin C injection · ताकत के लिए
आइसोलेशनबीमार बकरी को कम से कम 21 दिन अलग रखें
💉 टीकाकरण — PPR Vaccine (IVRI) Live Attenuated Vaccine · Sungri-96 Strain · GoI निःशुल्क कार्यक्रम
विषयविवरण
टीके का नामPPR Live Attenuated Vaccine (Sungri 96 Strain)
विकसित कियाICAR-IVRI, Mukteswar, Nainital (Uttarakhand)
टीके का प्रकारLive Attenuated — 1 ml SC या IM
पहला टीका4 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणहर 3 वर्ष (3 साल तक immunity)
सरकारी योजनाGoI — National PPR Control Programme (निःशुल्क)
इंजेक्शन स्थानगर्दन के नीचे त्वचा के नीचे (Subcutaneous — SC)
गर्भवती बकरीLive vaccine — पशु चिकित्सक की सलाह से · ब्याने से 1 माह पहले न दें
सरकारी कार्यक्रम: भारत सरकार के PPR Control Programme के अंतर्गत सभी राज्यों में बकरी-भेड़ को निःशुल्क PPR टीकाकरण मिलता है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
🐾 खुरपका-मुंहपका रोग (Foot & Mouth Disease — FMD)अत्यंत खतरनाक Aphthovirus · Serotype O, A, Asia-1 · अत्यधिक संक्रामक · बकरी में Carrier बनती है👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाहर 6 माह
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Serotype O, A, Asia-1 · बकरी में कम लक्षण पर Carrier बनती है

बकरी में FMD होता है परन्तु लक्षण गाय-भैंस से कम गम्भीर होते हैं। बकरी लम्बे समय तक Carrier बन सकती है और अन्य पशुओं में वायरस फैला सकती है। भारत में Serotype O सबसे सामान्य है।

विषयविवरण
रोगकारकAphthovirus (Picornaviridae)
Serotypes (बकरी में)मुख्यतः Serotype O · A, Asia-1 भी
बकरी की विशेषताSubclinical Carrier बनती है · कम लक्षण · फिर भी फैलाती है
प्रसारसम्पर्क, हवा, दूषित चारा-पानी, मेला-बाज़ार
मृत्यु दरवयस्क में कम · मेमनों में 20–30% तक
नुकसानदूध उत्पादन कमी · वज़न घटना · प्रजनन क्षमता प्रभावित
🩺 लक्षण (Symptoms) बुखार · मुंह-खुर पर छाले · लार बहना · लंगड़ाना
लक्षणविवरण
तेज़ बुखार104–106°F (40–41°C) · अचानक
मुंह में छालेजीभ, मसूड़े पर छोटे दाने → घाव · लार बहना
खुरों में सूजनखुरों के बीच छाले · दर्द · लंगड़ाना
दूध कमीदूधारू बकरी में अचानक दूध गिरावट
मेमनों मेंहृदय पर असर (Tiger Heart) → मृत्यु · अधिक खतरनाक
💊 उपचार एवं प्रबंधन लक्षणात्मक उपचार · घाव की देखभाल · आइसोलेशन
उपचारविधि / दवा
मुंह के घावफिटकरी + पानी / Potassium Permanganate (1:1000) से धोना
खुर के घावCuSO₄ (5%) Footbath · Zinc Oxide ointment
बुखारMeloxicam / Flunixin — पशु चिकित्सक द्वारा
द्वितीयक संक्रमणOxytetracycline / Ampicillin — IM
आहारनरम हरा चारा, दलिया · कठोर भूसा न दें
आइसोलेशन14 दिन अलग रखें
💉 टीकाकरण (Vaccination — FMD) Trivalent Vaccine O+A+Asia-1 · ICAR-IVRI · GoI Programme
विषयविवरण
टीके का प्रकारInactivated Trivalent Oil-adjuvanted Vaccine (O+A+Asia-1)
पहला टीका4 माह की आयु में
बूस्टरपहले टीके के 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणहर 6 माह (साल में 2 बार)
सरकारी योजनाGoI — FMD-CP (निःशुल्क) · बकरी-भेड़ भी शामिल
🔴 बकरी माता / बकरी चेचक (Goat Pox — Capripox)बहुत खतरनाक Capripoxvirus · OIE सूचित · बकरी में भेड़ पॉक्स से अलग वायरस👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Goatpox Virus · त्वचा पर चकत्ते · बुखार · मृत्यु दर 5–10%

बकरी माता Capripoxvirus (Goatpox Virus — GTPV) के कारण होती है। यह भेड़ पॉक्स (SPPV) से अलग वायरस है। OIE सूचित रोग होने के कारण इसकी रिपोर्टिंग अनिवार्य है। मेमनों में मृत्यु दर 25% तक हो सकती है।

विषयविवरण
रोगकारकGoatpox Virus (GTPV) — Capripoxvirus
प्रसारसीधा सम्पर्क, दूषित चारा-पानी, मक्खी-मच्छर
मृत्यु दरवयस्क 5–10% · मेमनों में 25–75%
OIE StatusNotifiable Disease — तुरंत सूचित करें
लक्षणविवरण
बुखार104–106°F · अचानक · 3–5 दिन
त्वचा पर चकत्तेथन, पेट, कमर, मुंह, आँखों के आसपास · 0.5–2 cm के दाने
दाने बढ़नाPapule → Vesicle → Pustule → Scab (पपड़ी) → घाव
आँखेंConjunctivitis · आँखों से स्राव · कभी-कभी अंधापन
श्वसनखाँसी · साँस में कठिनाई · फेफड़ों में घाव
मेमनों मेंअत्यधिक घातक · generalized pox · मृत्यु 75% तक
💊 उपचार एवं प्रबंधन घाव प्रबंधन · द्वितीयक संक्रमण नियंत्रण
उपचारविधि
घावों की सफाईPovidone-Iodine (Betadine 5%) से धोना · Zinc Oxide cream
बुखारMeloxicam / Phenylbutazone — पशु चिकित्सक
द्वितीयक संक्रमणOxytetracycline / Enrofloxacin — 5–7 दिन
आँखों का उपचारOxytetracycline Eye Ointment
आइसोलेशन28 दिन अलग · कीट नियंत्रण अनिवार्य
💉 टीकाकरण — Goat Pox Vaccine ICAR-IVRI Mukteswar · Live Attenuated · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का नामGoat Pox Live Attenuated Vaccine (Uttarkashi Strain)
विकसित कियाICAR-IVRI, Mukteswar, Nainital
आयु3 माह से ऊपर
पुनः टीकाकरणवार्षिक (प्रकोप क्षेत्र में हर 6 माह)
इंजेक्शन स्थानकान की जड़ के पास त्वचा में (Intradermal — ID)
मात्रा1 ml (Intradermal)
💨 गलघोंटू (Haemorrhagic Septicaemia — HS)अत्यंत खतरनाक Pasteurella multocida · Serotype B:2 · बकरी में कम · भेड़ में अधिक👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Pasteurella multocida Type B:2 · वर्षाकाल

गलघोंटू (HS) Pasteurella multocida Serotype B:2 और E:2 जीवाणु के कारण होता है। बकरी में यह भैंस-गाय की तुलना में कम पाया जाता है, पर होने पर अत्यंत घातक होता है। 24–48 घंटों में मृत्यु हो सकती है।

विषयविवरण
रोगकारकPasteurella multocida (B:2, E:2)
मुख्य मौसमजून–अक्टूबर (वर्षाकाल + ठंड की शुरुआत)
मृत्यु दर70–90% (बिना उपचार)
प्रसारदूषित जल, मल-मूत्र, तनाव (कुपोषण/परिवहन) से सक्रिय
🩺 लक्षण एवं उपचार तेज़ बुखार · गले में सूजन · Antibiotics · टीकाकरण
लक्षणविवरण
तेज़ बुखार106–107°F · अचानक · खाना-पीना बंद
गले में सूजनगर्दन के आसपास सूजन · गर्म · दर्दनाक
साँस की कठिनाईमुंह खोलकर साँस · घुरघुराहट की आवाज़
लार बहनामुंह से लार · जीभ बाहर
मृत्यु24–48 घंटे में · उपचार न होने पर
उपचारविधि
Antibiotic (पहली पसंद)Oxytetracycline (20 mg/kg IV/IM) · तुरंत शुरू करें
वैकल्पिकStreptomycin + Penicillin · Enrofloxacin — 5–7 दिन
बुखारFlunixin Meglumine — IM (पशु चिकित्सक)
Fluid TherapyDextrose Normal Saline — IV (गम्भीर अवस्था)
💉 टीकाकरण — HS Vaccine HS Oil Adjuvanted Vaccine · Alum Precipitated · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का प्रकारHS Oil Adjuvanted Vaccine (Killed) / Alum Precipitated
पहला टीका6 माह की आयु · बूस्टर 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक — वर्षा से पहले (मई-जून)
इंजेक्शन स्थानगर्दन की त्वचा के नीचे (Subcutaneous — SC) · 2 ml
⚠️ एंटेरोटॉक्सेमिया / पल्पी किडनी (Enterotoxaemia)बहुत खतरनाक Clostridium perfringens Type C & D · मेमनों में अधिक · अचानक मृत्यु👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Cl. perfringens Type C & D · अधिक चारा खाने के बाद · Pulpy Kidney

एंटेरोटॉक्सेमिया बकरी में Clostridium perfringens Type C और Type D के कारण होता है। जब बकरी अचानक अधिक हरा चारा या दाना खाती है, तो इन जीवाणुओं का आंत में अत्यधिक प्रजनन होता है और विष (Epsilon toxin) बनता है। इसे Pulpy Kidney Disease भी कहते हैं क्योंकि मृत्यु के बाद किडनी मुलायम हो जाती है।

विषयविवरण
रोगकारकClostridium perfringens Type C (मेमने) और Type D (वयस्क)
मुख्य कारणअचानक अधिक हरा चारा/दाना · आहार परिवर्तन
मृत्यु दरलगभग 100% (उपचार न होने पर) · अचानक मृत्यु
प्रभावितमेमने (Type C) · मोटे तगड़े बकरे (Type D)
लक्षणविवरण
अचानक मृत्युसबसे स्वस्थ दिखने वाली बकरी अचानक मर जाती है · कोई लक्षण नहीं
ऐंठनमांसपेशियों में ऐंठन · पीछे को झुकना (Opisthotonus)
पेट दर्दपेट फूलना · बेचैनी · ज़मीन पर लोटना
दस्तपानी जैसे खूनी दस्त (Type C में)
बेहोशीअचानक गिरना · Coma · मृत्यु 2–4 घंटे में
💊 उपचार एवं प्रबंधन Antiserum · Penicillin · आहार प्रबंधन
एंटेरोटॉक्सेमिया में मृत्यु बहुत तेज़ होती है। लक्षण दिखते ही तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
उपचारविधि
Cl. perfringens AntiserumType C & D Antitoxin — IV (तुरंत) · पशु चिकित्सक
AntibioticPenicillin G — IV/IM · Metronidazole
Fluid TherapyDextrose Saline IV · निर्जलीकरण रोकें
आहारतुरंत चारा बंद · 24 घंटे फास्टिंग · धीरे-धीरे शुरू करें
बचावआहार में अचानक बदलाव न करें · हरे चारे को धीरे-धीरे बढ़ाएँ
💉 टीकाकरण — Enterotoxaemia Vaccine Clostridial Vaccine · Type C+D · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का प्रकारClostridium perfringens Type C+D Toxoid Vaccine
पहला टीका6–8 सप्ताह की आयु में · बूस्टर 4 सप्ताह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक · गर्भवती बकरी को ब्याने से 6 सप्ताह पहले
इंजेक्शन स्थानगर्दन या कंधे — Subcutaneous · 2 ml
गर्भवती बकरी में लाभमाँ के दूध से मेमनों को Passive Immunity मिलती है
🫁 निमोनिया / CCPP (Contagious Caprine Pleuropneumonia)बहुत खतरनाक Mycoplasma capricolum · Pasteurella · बकरी में 80–100% मृत्यु दर · OIE सूचित👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाउपलब्ध
3 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण CCPP — Mycoplasma capricolum ssp. capripneumoniae

बकरी में निमोनिया के दो प्रकार हैं: (1) CCPP (Contagious Caprine Pleuropneumonia) — Mycoplasma के कारण, OIE सूचित, अत्यंत घातक; और (2) सामान्य निमोनिया — Pasteurella multocida, Mannheimia haemolytica के कारण। CCPP केवल बकरी में होता है।

प्रकाररोगकारकमृत्यु दर
CCPP (गम्भीर)Mycoplasma capricolum ssp. capripneumoniae80–100%
Pasteurella PneumoniaPasteurella multocida / Mannheimia haemolytica30–60%
Viral PneumoniaCAE Virus, Adenovirus10–30%
लक्षणविवरण
खाँसीसूखी से गीली खाँसी · रात में अधिक
साँस की तकलीफमुंह खोलकर साँस · पेट से साँस लेना · नाक फड़कना
बुखार104–107°F · अचानक आना
छाती में दर्दCCPP में · छाती छूने पर बकरी कराहती है
नाक से स्रावपहले पानीदार · फिर गाढ़ा पीला-हरा
💊 उपचार एवं बचाव Tylosin · Oxytetracycline · आवास सुधार
उपचारविधि
CCPP के लिएTylosin (10 mg/kg IM) · Tilmicosin · 5–7 दिन · केवल पशु चिकित्सक
Pasteurella के लिएOxytetracycline (20 mg/kg IM) · Enrofloxacin
बुखारMeloxicam / Flunixin
MucolyticBromhexine — कफ पतला करने के लिए
आवाससूखा, हवादार, भीड़ न हो · नमी से बचाएँ
CCPP के लिए ICAR-IVRI ने CCPP Cell Culture Vaccine विकसित की है। प्रकोप वाले क्षेत्रों में टीकाकरण अनिवार्य करें।
💉 टीकाकरण — CCPP Vaccine CCPP Cell Culture Vaccine · ICAR-IVRI · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का नामCCPP Killed Vaccine / Saponin-adjuvanted
पहला टीका6 माह की आयु · बूस्टर 3–4 सप्ताह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक
इंजेक्शन स्थानगर्दन — Subcutaneous (SC) · 1–2 ml
🍼 थनैला रोग / बकरी मैस्टाइटिस (Caprine Mastitis)आर्थिक नुकसान · आम रोग Staphylococcus · Streptococcus · CAE Virus · दूध उत्पादन नुकसान👆 Click करें — विवरण खुलेगा
नुकसानदूध में
3 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण S. aureus · CAE Virus · Subclinical बकरी में अधिक

बकरी में थनैला (Mastitis) Staphylococcus aureus, Streptococcus agalactiae, Coagulase Negative Staphylococci (CNS) और CAE Virus (Caprine Arthritis Encephalitis Virus) के कारण होती है। दूध देने वाली बकरियों में Subclinical Mastitis बहुत आम है।

प्रकारमुख्य रोगकारकविशेषता
Contagious MastitisS. aureus, Str. agalactiaeथन से थन में · दूध निकालते वक्त
Environmental MastitisE. coli, Klebsiella, Str. uberisगंदगी-नमी से · बाड़े की सफाई जरूरी
Viral Mastitis (CAE)Caprine Arthritis Encephalitis VirusHard Udder · थन पत्थर जैसा सख्त · लाइलाज
Subclinical MastitisS. aureus, CNSबाहरी लक्षण नहीं · CMT से पकड़ें · बकरी में अधिक
🩺 लक्षण एवं उपचार थन सूजन · दूध में बदलाव · Antibiotic Therapy
लक्षणविवरण
थन सूजनएक या दोनों थन लाल, गर्म, सूजे, दर्दनाक
दूध में बदलावदूध में गुच्छे, मवाद, खून · पानी जैसा दूध
CAE Hard Udderथन पत्थर जैसा सख्त · दूध बहुत कम · लाइलाज
SubclinicalCMT Test positive · SCC बढ़ा · लक्षण नहीं
उपचारविधि
IntramammaryCloxacillin / Penicillin Intramammary Infusion · पशु चिकित्सक
SystemicCeftiofur / Ampicillin-Cloxacillin IM · 5–7 दिन
Dry Period TherapyDry Goat Therapy — दूध सूखने पर · बकरी में अनिवार्य
स्वच्छताथन धोना · Teat Dip · बाड़ा साफ रखें
CMT Test: बकरी के दूध की 2–3 बूँदें + CMT reagent — अगर गाढ़ा/जेल बने तो Subclinical Mastitis। मासिक जाँच करें।
🛡️ CAE — Caprine Arthritis Encephalitis Virus Retrovirus · Hard Udder · Arthritis · लाइलाज · बचाव ही उपाय
CAE का कोई इलाज नहीं है। CAE पॉजिटिव बकरी से पैदा मेमने को तुरंत अलग करें, पाश्चुरीकृत दूध पिलाएँ। झुंड से CAE पॉजिटिव बकरियों को अलग करें।
लक्षणविवरण
Hard Udder (थन)थन पत्थर जैसा सख्त · दूध न के बराबर
Arthritis (जोड़)कार्पस जोड़ सूजे · लंगड़ापन · वयस्क बकरे में
Encephalitisमेमनों में तंत्रिका लक्षण · लड़खड़ाना · मृत्यु
बचावमेमने को माँ का कोलोस्ट्रम न पिलाएँ (पाश्चुरीकृत करें) · ELISA जाँच कराएँ
🩸 हीमोन्कोसिस / बारबर्स पोल वर्म (Haemonchosis)बहुत खतरनाक · मुख्य हत्यारा Haemonchus contortus · रक्तचूसक कृमि · अनीमिया · बकरी की सबसे बड़ी परजीवी समस्या👆 Click करें — विवरण खुलेगा
Deworming3 माह
3 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Haemonchus contortus · आमाशय कृमि · प्रतिदिन 0.05 ml रक्त प्रति कृमि

Haemonchus contortus (Barber's Pole Worm) बकरी के आमाशय में रहने वाला रक्तचूसक कृमि है। यह बकरी के सबसे घातक परजीवी रोगों में से एक है। एक संक्रमित बकरी के आमाशय में हज़ारों कृमि हो सकते हैं। प्रत्येक कृमि प्रतिदिन 0.05 ml रक्त चूसता है।

विषयविवरण
रोगकारकHaemonchus contortus (आमाशय कृमि — Abomasal Worm)
स्थानAbomasum (आमाशय / 4th stomach)
मुख्य नुकसानरक्त चूसना → Anaemia → मृत्यु
संक्रमण का तरीकासंक्रमित घास/चरागाह से L3 larvae निगलना
मुख्य मौसमवर्षाकाल (जुलाई–सितंबर) में सबसे अधिक
FAMACHA Scoreपलक (conjunctiva) के रंग से अनीमिया की जाँच · 1 (गुलाबी) से 5 (सफेद)
🩺 लक्षण एवं उपचार (Deworming) पलकें सफेद · बोतल जबड़ा · कमज़ोरी · Albendazole / Ivermectin
लक्षणविवरण
पलकें/मसूड़े सफेदAnaemia का मुख्य लक्षण · FAMACHA Score 4–5
Bottle Jawजबड़े के नीचे पानी भरना (Submandibular oedema)
कमज़ोरीबकरी ज़मीन पर बैठी रहे · खाना-पीना कम
दस्त / कब्जकाले तारे जैसे दस्त (Tarry stool) / कब्ज
वज़न घटनातेज़ी से वज़न कम होना · मेमनों में विकास रुकना
Deworming दवामात्रा / विधि
Albendazole (पहली पसंद)7.5–10 mg/kg · मुंह से (Oral) · 3 माह पर
Ivermectin0.2 mg/kg SC injection या oral · Mange+Worm दोनों
Fenbendazole7.5 mg/kg · Oral · गर्भवती में सुरक्षित
Levamisole7.5 mg/kg · Oral/SC · Resistance होने पर बदलें
Anthelmintic Resistance: एक ही दवा बार-बार न दें। हर बार Deworming की दवा बदलते रहें। FECRT (Faecal Egg Count Reduction Test) कराएँ।
Deworming Schedule: हर 3 माह पर · वर्षाकाल से पहले अनिवार्य · गर्भवती को ब्याने के 2 सप्ताह बाद · मेमनों को 4–6 सप्ताह की उम्र में।
🌿 Anaemia का इलाज एवं पोषण प्रबंधन Iron Injection · Blood Transfusion · Mineral Mixture
उपचारविधि
Iron InjectionIron Dextran 200 mg IM · मेमनों में 1 सप्ताह की उम्र में
Blood Transfusionगम्भीर अनीमिया में · 10–15 ml/kg · compatible donor से
Mineral MixtureCopper + Cobalt + Selenium · Haemoglobin बनाने में मदद
हरा चाराअधिक हरा चारा, दाना · Protein सप्लीमेंट
🦠 कॉक्सीडियोसिस / खूनी पेचिश (Coccidiosis)मेमनों में बहुत खतरनाक Eimeria arloingi / E. caprina · 3–4 माह के मेमनों में अधिक · खूनी दस्त👆 Click करें — विवरण खुलेगा
बचावस्वच्छता
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Eimeria arloingi, E. caprina · आँत की परत को नुकसान · मेमनों में

कॉक्सीडियोसिस Eimeria प्रजाति के प्रोटोज़ोआ के कारण होता है। बकरी में Eimeria arloingi और Eimeria caprina सबसे घातक हैं। यह रोग मुख्यतः 3 सप्ताह से 4 माह के मेमनों में होता है।

विषयविवरण
रोगकारकEimeria arloingi, E. caprina, E. ninakohlyakimovae
प्रभावित उम्र3 सप्ताह – 4 माह के मेमने · तनाव/भीड़ में वयस्क भी
संक्रमण का तरीकादूषित पानी, मल, चारा में Oocysts खाना
मृत्यु दरमेमनों में 20–50% (तीव्र रूप)
लक्षणविवरण
खूनी दस्तपानी जैसे से खूनी दस्त · बहुत तेज़ · बदबू
कमज़ोरीमेमना लड़खड़ाए · खड़ा न हो · निर्जलीकरण
पेट दर्दपेट पर हाथ रखने पर कराहना
तंत्रिका लक्षणगम्भीर अवस्था में ऐंठन, Convulsions
उपचारविधि
Sulphadimidine100–200 mg/kg Oral (पहले दिन), 50 mg/kg 4 दिन · पशु चिकित्सक
Amprolium10 mg/kg Oral · 5 दिन · मेमनों में
Toltrazuril20 mg/kg एकल खुराक Oral · आधुनिक दवा
ORS / Fluidनिर्जलीकरण रोकें · IV Fluid गम्भीर अवस्था
बचावबाड़े की सफाई · मल जल्दी हटाएँ · भीड़ कम · Coccidiostat feed
🌬️ अफारा / तिम्पनी (Ruminal Tympany — Bloat)आपातकाल · तुरंत इलाज हरे चारे का अधिक खाना · गैस बनना · पेट फूलना · 30 मिनट में मृत्यु👆 Click करें — विवरण खुलेगा
आपातकाल30 मिनट
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Frothy Bloat · Free Gas Bloat · अचानक हरा चारा

अफारा (Tympany / Bloat) तब होता है जब रूमेन (पहले आमाशय) में गैस इतनी बनती है कि बाहर नहीं निकल पाती। बकरी में Frothy Bloat (झागदार) और Free Gas Bloat दोनों होते हैं। बकरी अत्यंत संवेदनशील है — ओस भरी या बरसाती घास खाने पर तुरंत अफारा हो सकता है।

प्रकारकारणविशेषता
Frothy Bloat (झागदार)ओस भरी बरसीम/लूसर्न · Legumes · भीगी घासझाग के कारण गैस नहीं निकलती · अधिक खतरनाक
Free Gas Bloatअन्नप्रणाली में रुकावट · आहार परिवर्तनTrocar से गैस निकालना आसान
लक्षणविवरण
पेट का बायाँ हिस्सा फूलनाबायाँ कूल्हा (Paralumbar fossa) ढोल जैसा फूल जाता है
बेचैनीपैर पटकना · ज़मीन पर लोटना · बार-बार उठना-बैठना
साँस लेने में कठिनाईमुंह खोलकर साँस · जीभ बाहर
Percussion Soundपेट पर थपथपाने से ढोल जैसी आवाज़
मृत्यु20–30 मिनट में · श्वास अवरोध से
🚨 आपातकालीन उपचार एवं बचाव Simethicone · Trocar · Stomach Tube · प्रबंधन
अफारा आपातकाल है। बकरी का पेट बायीं तरफ से ढोल जैसा फूले तो तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ। 20–30 मिनट में मृत्यु हो सकती है।
उपचारविधि
तुरंत उठाकर खड़ा करेंबकरी को सामने से ऊँचा करके खड़ा करें — गैस निकलने में मदद
Stomach TubeRumen tube मुंह से डालकर गैस निकालें · Free Gas Bloat में
Simethicone/DimethiconeFrothy Bloat के लिए · 30–50 ml oral · झाग तोड़ता है
Turpentine Oil15–20 ml + 100 ml पानी Oral · Frothy Bloat में
Trocar & Cannulaगम्भीर अवस्था में · पशु चिकित्सक द्वारा · बायीं Paralumbar fossa में
❌ न करें
  • खाली पेट बरसीम-लूसर्न न दें
  • ओस भरी/गीली घास न दें
  • अचानक चारागाह में न छोड़ें
  • बकरी को लेटने दें — लाभदायक नहीं
✅ करें
  • पहले सूखा चारा, फिर हरा दें
  • धीरे-धीरे हरा चारा बढ़ाएँ
  • चरागाह में सूखे में ले जाएँ
  • Bloat Guard (Monensin) प्रयोग करें
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लेखक / पशु विशेषज्ञ
Ashish Singh
ICAR-IVRI डेटा आधारित · बकरी पालन विशेषज्ञ · upkisanseva.in
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