गाय के रोग — लक्षण, कारण और उपचार 2026

ICAR-IVRI, Bareilly द्वारा मान्यता प्राप्त — 10 प्रमुख पशु रोगों की सम्पूर्ण जानकारी — लक्षण, कारण, बचाव, दवाएँ, टीकाकरण चार्ट और आपातकालीन प्रबंधन के साथ

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विषय सूची — 10 प्रमुख गाय रोग + नस्ल गाइड
10 रोग + नस्लें
🐄 नस्ल — उत्पत्ति स्थान — विशेषता
🌿भारतीय गाय नस्लें — पूरी जानकारी
🦠 वायरल रोग
01🐾 खुरपका-मुंहपका (FMD)
02🔴 लंपी स्किन डिज़ीज़
03👃 संक्रामक बोवाइन रायनोट्रेकाइटिस (IBR)
🧫 जीवाणु रोग
04💨 गलघोंटू (HS)
05🖤 एकटंगिया/ब्लैक क्वार्टर
06⚠️ गिल्टी रोग (Anthrax)
07🍼 थनैला रोग (Mastitis)
🐛 परजीवी व चयापचय रोग
08🩸 थाइलेरिया (रक्त परजीवी)
09🥛 दुग्ध ज्वर (Milk Fever)
10🌬️ अफारा/तिम्पनी (Bloat)
IVRI Verified 2026 Edition टीकाकरण चार्ट सहित

🐄 गाय के 10 प्रमुख रोग + नस्ल गाइड — सम्पूर्ण लक्षण, कारण व उपचार

🏥 ICAR-IVRI पशु चिकित्सा गाइड 2026
10
प्रमुख रोग
3
रोग श्रेणियाँ
8+
टीके उपलब्ध
15+
भारतीय नस्लें
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महत्वपूर्ण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। पशु बीमार होने पर तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
🌿 भारतीय गाय नस्लें — नस्ल, उत्पत्ति स्थान, विशेषतासम्पूर्ण गाइड दूध · भार वाही · द्विउद्देशीय नस्लें · उत्पत्ति राज्य · ICAR-NBAGR डेटा👆 Click करें — विवरण खुलेगा
स्रोतICAR-NBAGR
3 खंड
🥛 प्रमुख दूध देने वाली नस्लें गिर · साहीवाल · रेड सिंधी · थारपारकर · राठी
नस्लउत्पत्ति स्थानविशेषता
गिर (Gir)गुजरात — गिर वन, जूनागढ़, अमरेली, भावनगरभारत की सर्वश्रेष्ठ दूध देने वाली देसी नस्ल · 1200–1800 L/लैक्टेशन · A2 दूध · लम्बे लटकते कान · उभरा माथा · गर्मी-सहिष्णु · ब्राज़ील में भी प्रसिद्ध
साहीवाल (Sahiwal)पंजाब (मूलतः पाकिस्तान) — मोंटगोमरी क्षेत्र · भारत में पंजाब, UP, राजस्थानदूध 1500–2500 L/लैक्टेशन · सबसे अधिक दूध देने वाली भारतीय नस्ल · शांत स्वभाव · लाल-भूरी खाल · थनैला-प्रतिरोधी · Cross breeding आधार
रेड सिंधी (Red Sindhi)सिंध (पाकिस्तान, मूल) · भारत में केरल, तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशादूध 1000–1500 L/लैक्टेशन · गहरे लाल रंग · उष्णकटिबन्धीय जलवायु के लिए · रोग-प्रतिरोधी · छोटे किसानों के लिए उपयुक्त
थारपारकर (Tharparkar)राजस्थान — बाड़मेर, जैसलमेर, थार मरुस्थल · सिंध (पाकिस्तान) सीमावर्तीदूध 1000–1400 L/लैक्टेशन · सफेद-भूरी खाल · अत्यंत गर्मी और सूखा-सहिष्णु · मरुस्थल में भी जीवित · NBAGR द्वारा संरक्षित
राठी (Rathi)राजस्थान — गंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ जिलादूध 1000–1200 L/लैक्टेशन · भूरी-सफेद धब्बेदार खाल · सूखा-सहिष्णु · राजस्थान में किसानों की सबसे पसंदीदा दूध नस्ल
ICAR-NBAGR (करनाल, हरियाणा) — राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो। भारत की सभी देसी गाय नस्लों का पंजीकरण, संरक्षण और अनुसंधान यहाँ होता है।
💪 प्रमुख भार-वाही / कृषि कार्य नस्लें ओंगोल · हरियाणा · कांकरेज · अमृतमहल · हल्लीकर
नस्लउत्पत्ति स्थानविशेषता
ओंगोल (Ongole)आंध्र प्रदेश — प्रकाशम जिला, ओंगोल तहसीलभारत की सबसे बड़ी गाय नस्ल · बैल भार-कार्य के लिए आदर्श · 500–700 kg वजन · सफेद रंग · बड़ा कूबड़ · विश्व में निर्यातित · दूध भी मध्यम
हरियाणा (Hariana)हरियाणा — रोहतक, हिसार, सोनीपत, करनालकृषि कार्य + दूध · 800–1000 L/लैक्टेशन · तेज़ चलने वाले बैल · सफेद रंग · उत्तर भारत में सबसे अधिक प्रयुक्त
कांकरेज (Kankrej)गुजरात — बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा जिला400–500 kg · चाँदी-भूरा रंग · दूध 1000–1200 L · तेज़ बैल · अमेरिका में Brahman नस्ल के विकास में योगदान · गर्मी-सहिष्णु
अमृतमहल (Amritmahal)कर्नाटक — चित्रदुर्ग, चिकमगलूर, हासनयुद्ध काल में तोपें खींचने के लिए · अत्यंत फुर्तीले बैल · 300–400 kg · गहरे भूरे-काले रंग · NBAGR द्वारा संरक्षित अनुसूची
हल्लीकर (Hallikar)कर्नाटक — मांड्या, मैसूर, तुमकुर जिलादक्षिण भारत की सर्वश्रेष्ठ ड्राफ्ट नस्ल · फुर्तीले बैल · 300–380 kg · सफेद-भूरा रंग · चावल खेती के लिए आदर्श
📊 अन्य प्रमुख नस्लें एवं तुलनात्मक चार्ट देओनी · निमाड़ी · कंगायम · वेचूर · पुंगनूर
नस्लउत्पत्ति स्थानमुख्य उपयोगविशेषता
देओनी (Deoni)महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा — लातूर, बीदरदूध + भार800–1000 L/लैक्टेशन · सफेद-काले धब्बे · द्विउद्देशीय · मराठवाड़ा में लोकप्रिय
निमाड़ी (Nimari)मध्य प्रदेश — खंडवा, खरगोन (निमाड़ क्षेत्र)भार + दूध300–400 kg · लाल-भूरा रंग · नर्मदा घाटी के लिए · कृषि कार्य में उपयोगी
कंगायम (Kangayam)तमिलनाडु — कोयम्बटूर, इरोड, तिरुपुरभार (ड्राफ्ट)तेज़ और सहनशील बैल · 300–380 kg · ग्रे-सफेद रंग · गन्ना खेती में प्रयुक्त
वेचूर (Vechur)केरल — कोट्टायम, एर्नाकुलमदूध (A2)विश्व की सबसे छोटी गाय नस्ल · 100–150 kg · A2 औषधीय दूध · केरल आयुर्वेद में उपयोग · Guinness Record
पुंगनूर (Punganur)आंध्र प्रदेश — चित्तूर जिला, पुंगनूरदूध (A2)अत्यंत दुर्लभ · 70–100 kg · उच्च वसा A2 दूध · संकटापन्न नस्ल · NBAGR संरक्षण सूची
ICAR-NBAGR, करनाल (हरियाणा) — भारत में 50+ देसी गाय नस्लों का पंजीकरण। GIR, Sahiwal, Ongole जैसी नस्लों को GI Tag प्राप्त है। Helpline: 0184-2267685
🐾 खुरपका-मुंहपका रोग (Foot & Mouth Disease — FMD)अत्यंत खतरनाक Picornavirus · Aphthovirus · अत्यधिक संक्रामक · वायरल रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाहर 6 माह
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण (Introduction & Cause) Serotype O, A, Asia-1 · Picornaviridae परिवार · Aphthovirus

खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) भारत के पशुओं में सबसे अधिक आर्थिक क्षति करने वाला वायरल रोग है। यह Aphthovirus (Picornaviridae परिवार) के कारण होता है। भारत में मुख्यतः Serotype O, A और Asia-1 पाए जाते हैं। ICAR-IVRI की रिपोर्ट के अनुसार भारत में FMD से सालाना ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होता है।

विषयविवरण
रोगकारकAphthovirus (Picornaviridae)
SerotypesO, A, Asia-1 (भारत में)
प्रसारसम्पर्क, हवा, दूषित चारा-पानी, पशु मेले
प्रभावित पशुगाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर
मृत्यु दर (वयस्क)1–5% (बछड़ों में 50% तक)
रोग फैलने का मौसमसभी मौसम · वर्षा के बाद अधिक
ICAR-IVRI सन्दर्भIVRI, Izatnagar · FMD Control Programme (GoI)
🩺 लक्षण (Symptoms) बुखार · मुंह-खुर पर छाले · लार बहना · लंगड़ाना
लक्षणविवरण
तेज़ बुखार104–106°F (40–41°C), अचानक आता है
मुंह में छालेजीभ, मसूड़े, तालू पर छोटे दाने → बड़े छाले → घाव
लार टपकनामुंह से लगातार लार/झाग बहना, जुगाली बंद
खुरों में छालेखुरों के बीच सूजन, दर्द, गाय लंगड़ाने लगती है
दूध में कमीदूध उत्पादन अचानक 50–80% तक घट जाता है
थनों पर घावदूधारू गायों के थनों पर भी छाले बन सकते हैं
बछड़ों में मृत्युयुवा बछड़ों में हृदय पर प्रभाव → मृत्यु संभव
बछड़ों में FMD अधिक घातक होता है — मृत्यु दर 50% तक हो सकती है। तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
💊 उपचार एवं प्रबंधन (Treatment & Management) लक्षणात्मक उपचार · घाव की देखभाल · आइसोलेशन
FMD का कोई सीधा एंटीवायरल उपचार नहीं है। उपचार लक्षणात्मक होता है। मुख्य लक्ष्य — द्वितीयक संक्रमण रोकना, घाव ठीक करना, पशु को सहारा देना।
उपचारविधि / दवा
मुंह के घावफिटकरी + पानी या Potassium Permanganate (1:1000) से धोना · Boroglycerin paste लगाना
खुर के घावCuSO₄ (5%) या Phenol (1%) से धोना · Copper Sulphate footbath
बुखारMeloxicam / Flunixin Meglumine (पशु चिकित्सक द्वारा)
द्वितीयक संक्रमणOxytetracycline / Ampicillin (पशु चिकित्सक द्वारा)
आहारनरम चारा, दलिया, हरा घास · कठोर भूसा न दें
आइसोलेशनबीमार पशु को 14 दिन अलग रखें · पानी-चारा अलग
परिसरSodium Carbonate (4%) या Sodium Hydroxide से छिड़काव
💉 टीकाकरण (Vaccination — FMD) Trivalent Vaccine O+A+Asia-1 · ICAR-IVRI / GoI Programme
विषयविवरण
टीके का प्रकारInactivated Trivalent Oil-adjuvanted Vaccine (O+A+Asia-1)
पहला टीका4 माह की आयु में
बूस्टरपहले टीके के 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणहर 6 माह पर (साल में 2 बार)
सरकारी योजनाGoI — FMD-CP (FMD Control Programme) — निःशुल्क
टीका कहाँ मिलेगाICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सालय · सरकारी कैम्प
सावधानीगर्भवती गाय को टीका — पशु चिकित्सक की सलाह से ही
सरकारी कार्यक्रम: भारत सरकार के FMD-CP कार्यक्रम के अंतर्गत गाय-भैंस को निःशुल्क FMD टीकाकरण मिलता है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
🔴 लंपी स्किन डिज़ीज़ (Lumpy Skin Disease — LSD)बहुत खतरनाक Capripoxvirus · 2022 में 20 लाख+ पशु प्रभावित · वायरल रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Capripoxvirus · मच्छर-मक्खी से फैलता है

लंपी स्किन डिज़ीज़ (LSD) Capripoxvirus के कारण होने वाला वायरल रोग है। 2022 में भारत में यह बड़े पैमाने पर फैला — 15 राज्यों के 251 जिलों में 20 लाख से अधिक पशु प्रभावित हुए और 1.84 लाख से अधिक पशुओं की मृत्यु हुई। यह मुख्यतः मच्छर, मक्खी, जूँ और टिक के माध्यम से फैलता है।

विषयविवरण
रोगकारकCapripoxvirus (Poxviridae परिवार)
प्रसारमच्छर, मक्खी, टिक, जूँ (कीट-वाहक), सीधा सम्पर्क
प्रभावित पशुमुख्यतः गाय-भैंस · विदेशी नस्ल अधिक संवेदनशील
मृत्यु दर1–5% (कमज़ोर पशुओं में अधिक)
2022 प्रकोप20 लाख+ प्रभावित · 1.84 लाख+ मृत्यु · 15 राज्य
IVRI योगदानLSD vaccine — Lumpi-ProVacInd (ICAR-IVRI + NRCE विकसित)
🩺 लक्षण (Symptoms) चमड़ी पर गाँठें · बुखार · आँख-नाक बहना · दूध कमी
चरणलक्षण
प्रारम्भिक (1-3 दिन)तेज़ बुखार (104-106°F), आँखों से पानी, नाक बहना, भूख कम
मुख्य (4-14 दिन)पूरे शरीर पर 2–5 cm व्यास की गोल-गोल सख्त गाँठें बनना
गाँठों का विकासगाँठें पकती हैं → फटती हैं → गहरे घाव बनते हैं
लसीका ग्रंथियाँगले, कंधे की लसीका ग्रंथियाँ (lymph nodes) सूज जाती हैं
दूध उत्पादन50-70% तक कमी · थनों पर भी गाँठें बन सकती हैं
पैरों में सूजनपैरों में एडिमा (सूजन), गाय लंगड़ाने लगती है
निमोनियागम्भीर मामलों में फेफड़ों में भी संक्रमण
💊 उपचार एवं प्रबंधन लक्षणात्मक उपचार · घाव प्रबंधन · कीट नियंत्रण
उपचारविधि
घावों की सफाईPovidone-Iodine (Betadine) से धोना · Zinc oxide ointment लगाना
बुखारMeloxicam / Phenylbutazone (पशु चिकित्सक द्वारा)
द्वितीयक संक्रमणBroad-spectrum Antibiotics — Oxytetracycline / Enrofloxacin
मच्छर-मक्खी नियंत्रणCypermethrin spray · Neem oil · मच्छरदानी
आइसोलेशनकम से कम 28 दिन अलग रखें
पोषणविटामिन A+E, खनिज मिश्रण, हरा चारा अधिक दें
ICAR-IVRI की उपलब्धि: ICAR-IVRI और NRCE ने मिलकर स्वदेशी Lumpi-ProVacInd टीका विकसित किया जो 2022 से उपलब्ध है।
💉 टीकाकरण (Lumpi-ProVacInd) ICAR-IVRI + NRCE विकसित · स्वदेशी टीका
विषयविवरण
टीके का नामLumpi-ProVacInd
विकसित कियाICAR-IVRI, Bareilly + ICAR-NRCE, Bikaner
टीके का प्रकारLive Attenuated Vaccine (Sheep Pox Vaccine से)
आयु4 माह से ऊपर सभी पशुओं को
पुनः टीकाकरणवार्षिक (प्रकोप क्षेत्र में तुरंत)
उपलब्धतापशु चिकित्सालय · सरकारी शिविर · IVRI केन्द्र
👃 संक्रामक बोवाइन रायनोट्रेकाइटिस (IBR)मध्यम खतरनाक Bovine Herpesvirus-1 (BHV-1) · श्वसन+प्रजनन रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकाउपलब्ध
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Bovine Herpesvirus-1 · Herpesviridae

IBR Bovine Herpesvirus-1 (BHV-1) के कारण होता है। यह श्वसन तंत्र, आँखें, और प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है। एक बार संक्रमित होने के बाद वायरस पशु के शरीर में latent (सुप्त) रहता है और तनाव की स्थिति में पुनः सक्रिय हो जाता है।

लक्षणविवरण
तेज़ बुखार104–106°F · अचानक आना
नाक बहनापहले पानी जैसा · फिर गाढ़ा पीला स्राव
आँखें लालConjunctivitis · आँखों से स्राव · Cornea पर सफेद धब्बे
खाँसीसूखी खाँसी · साँस लेने में कठिनाई · Tracheitis
गर्भपातगर्भवती गाय में गर्भपात · बाँझपन
बछड़ों मेंEncephalitis (मस्तिष्क सूजन) · अधिक घातक
उपचारविधि
वायरल उपचारकोई एंटीवायरल नहीं · सहायक उपचार
आइसोलेशनबीमार पशु को तुरंत अलग करें
Anti-inflammatoryMeloxicam/Flunixin (बुखार-सूजन के लिए)
AntibioticsSecondary bacterial infection रोकने के लिए
टीकाकरणMLV (Modified Live Virus) या KV (Killed Virus) Vaccine · 4-6 माह पर पहला
💉 टीकाकरण — IBR Vaccine MLV / KV Vaccine · गर्दन में इंजेक्शन · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का प्रकारMLV (Modified Live Vaccine) या KV (Killed Vaccine)
पहला टीका4–6 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणवार्षिक — प्रजनन सीज़न से पहले
इंजेक्शन स्थानगर्दन की मांसपेशी (Intramuscular — IM) या नाक में (Intranasal)
मात्रा2 ml (IM) — पशु चिकित्सक के अनुसार
सुई का साइज़18–20 gauge, 1.5 इंच
गर्भवती गायMLV न दें — KV (Killed) ही दें · पशु चिकित्सक की सलाह लें
कहाँ मिलेगापशु चिकित्सालय · Commercial veterinary stores
इंजेक्शन कैसे लगाएँ: गर्दन के बाईं या दाईं तरफ की मोटी मांसपेशी में सुई 90° कोण पर डालें। पहले थोड़ा खींचें (blood न आए), फिर धीरे-धीरे दवा डालें। इंजेक्शन के बाद हल्की मालिश करें।
💨 गलघोंटू / घुरघुरा (Haemorrhagic Septicaemia — HS)अत्यंत खतरनाक Pasteurella multocida · Serotype B:2 · जीवाणु रोग · वर्षाकाल में अधिक👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
3 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण Pasteurella multocida Type B:2 · वर्षाकाल

गलघोंटू (HS) Pasteurella multocida Serotype B:2 जीवाणु के कारण होता है। यह भारत में गाय-भैंस की सबसे घातक जीवाणु बीमारियों में से एक है। बिना उपचार के पशु की मृत्यु 24–72 घंटों में हो जाती है। वर्षा के बाद (जून-सितंबर) सबसे अधिक प्रकोप होता है।

विषयविवरण
रोगकारकPasteurella multocida (B:2)
मुख्य मौसमजून–सितंबर (वर्षाकाल)
मृत्यु दर90–100% (बिना उपचार)
मृत्यु की गति24–72 घंटे में मृत्यु संभव
प्रभावित पशुगाय, भैंस (6 माह – 2 वर्ष अधिक संवेदनशील)
प्रसारसंक्रमित पशु का मल-मूत्र, दूषित जल, चारा
🩺 लक्षण (Symptoms) तेज़ बुखार · गले में सूजन · साँस में तकलीफ · मृत्यु
लक्षणविवरण
तेज़ बुखार106–107°F (41–42°C) · अचानक
गले-गर्दन में सूजनगर्दन + गले के आसपास गर्म, दर्दनाक सूजन
साँस की कठिनाईघुरघुराने की आवाज़ · मुंह खोलकर साँस लेना
लार बहनामुंह से झाग/लार बहना · जीभ बाहर
चाल विकारलड़खड़ाना · गाय की पीठ मुड़ जाती है
मृत्यु24–72 घंटे में अगर उपचार न हो
आपातकाल: गलघोंटू में तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ — बिना उपचार 24-72 घंटे में मृत्यु हो सकती है।
💊 उपचार एवं टीकाकरण Oxytetracycline · HS Vaccine · वार्षिक
उपचार/टीकाविवरण
मुख्य एंटीबायोटिकOxytetracycline LA (20%) — IV / IM (पशु चिकित्सक द्वारा)
वैकल्पिकAmpicillin + Sulbactam · Penicillin G
सहायक उपचारIV Fluids (NS/RL) · Corticosteroids (गम्भीर में)
टीका (HS Vaccine)Oil Adjuvant HS Vaccine · ICAR-IVRI, Izatnagar
पहला टीका6 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणवार्षिक — वर्षाकाल से पहले (मई-जून)
संयुक्त टीकाHS+BQ (गलघोंटू+एकटंगिया) Combined Vaccine उपलब्ध
🖤 एकटंगिया / ब्लैक क्वार्टर (Black Quarter — BQ)अत्यंत खतरनाक Clostridium chauvoei · मांसपेशी रोग · 6-24 माह के बछड़े अधिक संवेदनशील👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं कारण Clostridium chauvoei · मिट्टी जनित रोग · वर्षाकाल

ब्लैक क्वार्टर (BQ/एकटंगिया) Clostridium chauvoei जीवाणु के बीजाणुओं (spores) से होता है जो मिट्टी में वर्षों तक जीवित रहते हैं। 6–24 माह के स्वस्थ और मोटे बछड़े अधिक संवेदनशील होते हैं। भारत में वर्षाकाल (जुलाई-सितंबर) में इसका प्रकोप अधिक होता है।

लक्षणविवरण
अचानक लंगड़ानाकंधे, जाँघ, पीठ की मांसपेशियाँ अचानक सूज जाती हैं
सूजन में आवाज़सूजन को दबाने पर Crepitus (चरमराने की आवाज़) आती है
गर्म-दर्दनाक सूजनपहले गर्म, दर्दनाक → बाद में ठंडी, सुन्न, काली
तेज़ बुखार106–107°F · अचानक
मांसपेशी काली पड़नाप्रभावित क्षेत्र काला, गंधयुक्त (gas gangrene)
मृत्यु12–48 घंटे में बिना उपचार मृत्यु
उपचार/टीकाविवरण
एंटीबायोटिकHigh dose Penicillin G (IV) — तुरंत पशु चिकित्सक द्वारा
BQ Antiserumउपलब्ध हो तो तुरंत दें
टीका (BQ Vaccine)Formalin-inactivated C. chauvoei · ICAR-IVRI विकसित
पहला टीका6 माह की आयु में · बूस्टर 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक (वर्षाकाल से पहले)
💉 टीकाकरण — BQ Vaccine (एकटंगिया) Formalin-inactivated Vaccine · गर्दन में IM · वार्षिक
विषयविवरण
टीके का प्रकारFormalin-inactivated C. chauvoei Vaccine (BQ Vaccine)
संयुक्त टीकाHS+BQ Combined Vaccine — एक ही इंजेक्शन में दोनों बीमारियों से बचाव
पहला टीका6 माह की आयु में
बूस्टरपहले टीके के 1 माह बाद
पुनः टीकाकरणवार्षिक — वर्षाकाल से पहले (मई–जून)
इंजेक्शन स्थानगर्दन की मांसपेशी (Intramuscular — IM)
मात्रा5 ml (IM) — पशु चिकित्सक के अनुसार
सुई का साइज़16–18 gauge, 1.5 इंच
कहाँ मिलेगाICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सालय · सरकारी कैम्प
सरकारी कार्यक्रम: HS+BQ Combined Vaccine वर्षाकाल से पहले सरकारी कैम्पों में निःशुल्क लगाई जाती है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
इंजेक्शन कैसे लगाएँ: गर्दन के पिछले हिस्से की मोटी मांसपेशी में सुई 90° पर डालें। Plunger खींचकर confirm करें blood न आए, फिर धीरे दवा डालें। इंजेक्शन वाली जगह 1–2 मिनट हल्की मालिश करें।
⚠️ गिल्टी रोग / एंथ्रेक्स (Anthrax)मनुष्य को भी खतरा Bacillus anthracis · Zoonotic (पशु से मनुष्य में) · मिट्टी जनित👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकावार्षिक
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Bacillus anthracis · Zoonosis · तुरंत सरकार को सूचित करें
Zoonotic रोग: एंथ्रेक्स मनुष्यों को भी हो सकता है — मरे पशु को न छुएँ, तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें।
विषयविवरण
रोगकारकBacillus anthracis (Endospore forming)
मुख्य लक्षणअचानक मृत्यु · नाक/मुंह से काला खून · सूजन
मृत्यु दर80–100% (बिना उपचार)
Peracute formबिना लक्षण 1–2 घंटे में मृत्यु · मुंह-नाक से खून
Acute formबुखार, शरीर में सूजन (Edema), श्वास कठिनाई
मरे पशु काशव न चीरें — spores फैलते हैं · 5 फुट गहरा दफनाएं+चूना डालें
उपचारHigh dose Penicillin G + Anthrax Antiserum (शीघ्र)
टीकाLive Anthrax Spore Vaccine · ICAR-IVRI, Izatnagar · वार्षिक
💉 टीकाकरण — Anthrax Spore Vaccine Live Sterne Strain · SC इंजेक्शन · वार्षिक · प्रकोप क्षेत्र में अनिवार्य
सावधानी: Anthrax Vaccine एक Live vaccine है — इसे केवल पशु चिकित्सक ही लगाएँ। टीके के 10 दिन पहले और बाद में Antibiotic न दें।
विषयविवरण
टीके का प्रकारLive Anthrax Spore Vaccine (Sterne Strain 34F2)
पहला टीका6 माह की आयु में
पुनः टीकाकरणवार्षिक — प्रकोप वाले क्षेत्रों में मार्च–अप्रैल
इंजेक्शन स्थानगर्दन के नीचे की त्वचा के नीचे (Subcutaneous — SC)
मात्रा1 ml (SC) — ICAR-IVRI निर्देशानुसार
सुई का साइज़20–22 gauge, 1 इंच
SC इंजेक्शन विधिगर्दन की ढीली त्वचा उठाएँ → तम्बू बनाएँ → सुई त्वचा के नीचे तिरछी डालें
गर्भवती गायLive vaccine — पशु चिकित्सक की सलाह अनिवार्य
कहाँ मिलेगाICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सा विभाग
🍼 थनैला रोग (Mastitis)आर्थिक नुकसान सबसे अधिक Staphylococcus/Streptococcus · दूध उत्पादन में भारी कमी · जीवाणु रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
नुकसान₹8000 cr/वर्ष
4 खंड
🔬 रोग परिचय एवं कारण S. aureus · Str. agalactiae · E. coli · Klebsiella

थनैला (Mastitis) दूधारू गायों का सबसे आम और आर्थिक रूप से सबसे हानिकारक रोग है। भारत में इससे सालाना ₹8,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होता है। यह थन (Udder) की सूजन है जो मुख्यतः जीवाणुओं के कारण होती है।

प्रकारमुख्य रोगकारक जीवाणुविशेषता
Contagious MastitisS. aureus, Str. agalactiaeथन से थन में · दूध निकालते वक्त
Environmental MastitisE. coli, Klebsiella, Streptococcusवातावरण से · गंदगी में अधिक
Subclinical MastitisS. aureus, CNSबाहरी लक्षण नहीं · SCC बढ़ा हुआ
🩺 लक्षण (Clinical & Subclinical) थन सूजन · दूध में बदलाव · बुखार
प्रकारलक्षण
Clinical (सामान्य)थन लाल, सूजा, गर्म, दर्दनाक · दूध में गुच्छे/मवाद · दूध कम
Peracute (गम्भीर)तेज़ बुखार · पूरे थन में सूजन · गाय खड़ी न हो · Septicemia
Subclinical (छुपा हुआ)बाहरी लक्षण नहीं · SCC (Somatic Cell Count) > 2 लाख/ml · California Mastitis Test (CMT) से पकड़ें
CMT Test घर पर करें: दूध की कुछ बूँदें + CMT reagent मिलाएँ — अगर गाढ़ा हो जाए तो Subclinical Mastitis है। पशु चिकित्सक से मिलें।
💊 उपचार, बचाव एवं प्रबंधन Antibiotic Therapy · Dry Cow Therapy · स्वच्छता
उपायविधि
Intramammary InfusionCloxacillin / Penicillin+Novobiocin Infusion — थन में (पशु चिकित्सक)
Systemic AntibioticsCeftiofur / Ampicillin / Oxytetracycline — IM/IV
Dry Cow Therapy (DCT)दूध सूखने पर Dry Cow Antibiotic Tube लगाएँ — Subclinical से बचाव
स्वच्छताथन धोना · दूध दुहने से पहले-बाद में Iodine dip · बर्तन साफ
दुग्ध क्रमपहले स्वस्थ गाय, बाद में बीमार गाय का दूध निकालें
टीकाकरणS. aureus / Str. agalactiae Mastitis Vaccine (ICAR-IVRI)
❌ गलत प्रबंधन
  • गंदे हाथों से दूध निकालना
  • दूध दुहने के बाद थन न धोना
  • बीमार-स्वस्थ गाय एक साथ
  • Subclinical को नज़रअंदाज़ करना
✅ सही प्रबंधन
  • दुहने से पहले थन Iodine से पोंछें
  • दुहने के बाद Post-dip ज़रूर करें
  • Dry Cow Therapy अपनाएँ
  • CMT Test नियमित करें
💉 टीकाकरण — Mastitis Vaccine S. aureus / Str. agalactiae Vaccine · Dry Period में · IM इंजेक्शन
विषयविवरण
टीके का प्रकारStaphylococcal / Streptococcal Mastitis Vaccine (Killed)
कब लगाएँDry Period (दूध सूखने के समय) में — ब्याने से 6–8 सप्ताह पहले
बूस्टरपहले इंजेक्शन के 2 सप्ताह बाद दूसरा
पुनः टीकाकरणहर ब्याने से पहले Dry Period में
इंजेक्शन स्थानगर्दन या कंधे के पीछे की मांसपेशी (Intramuscular — IM)
मात्रा2–5 ml (IM) — लेबल के अनुसार
सुई का साइज़18 gauge, 1.5 इंच
Dry Cow Therapy (DCT)टीके के साथ Dry Cow Antibiotic Tube भी लगाएँ — Subclinical Mastitis से बचाव
कहाँ मिलेगाICAR-IVRI · Commercial — Lysigin, Startvac आदि
Dry Cow Therapy + Vaccine एक साथ: Dry Period में Mastitis Vaccine का इंजेक्शन लगाएँ और उसी दिन Dry Cow Antibiotic Tube थन में डालें। यह combination Mastitis से सबसे अच्छी सुरक्षा देता है।
🩸 थाइलेरिया / रक्त परजीवी रोग (Theileriosis)बहुत खतरनाक Theileria annulata · Tick-borne · विदेशी नस्ल अधिक संवेदनशील👆 Click करें — विवरण खुलेगा
टीकेसीमित
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Theileria annulata · Hyalomma tick · Buparvaquone उपचार

थाइलेरिया Theileria annulata प्रोटोज़ोआ परजीवी के कारण होता है जो Hyalomma नामक टिक (किलनी) से फैलता है। HF/Jersey जैसी विदेशी नस्ल और उनके संकर इससे अधिक प्रभावित होते हैं।

लक्षणविवरण
तेज़ बुखार105–107°F · लगातार · पहला प्रमुख लक्षण
लसीका ग्रंथियाँ सूजनाकंधे + गले की ग्रंथियाँ सूज जाती हैं
पीली आँखेंIcterus (पीलिया) · आँख-मुंह की झिल्ली पीली-सफेद
Haemoglobinuriaलाल/भूरे रंग का पेशाब · RBC टूटने से
साँस कठिनाईफेफड़ों में तरल · नाक से झाग
दूध कमीदूध लगभग बंद हो जाता है
उपचारविधि
मुख्य दवाBuparvaquone (Butalex) — IM (पशु चिकित्सक द्वारा)
SupportiveIV Fluids · Haematinics · Vitamin B12
किलनी नियंत्रणCypermethrin / Deltamethrin spray · नियमित Acaricide
बचावपशुशाला में Tick control · संक्रमित पशुओं से दूरी
💉 टीकाकरण एवं बचाव — Theileriosis Buparvaquone IM · Tick Control · सीमित टीका उपलब्धता
थाइलेरिया का कोई व्यापक रूप से उपलब्ध टीका भारत में अभी नहीं है। बचाव का मुख्य तरीका Tick (किलनी) नियंत्रण और तुरंत इलाज है।
विषयविवरण
मुख्य दवा (इलाज)Buparvaquone (Butalex) — 2.5 mg/kg — Intramuscular (IM)
इंजेक्शन स्थानगर्दन या नितंब की मांसपेशी (IM) — पशु चिकित्सक द्वारा
मात्रा (उदाहरण)200 kg गाय → 20 ml Buparvaquone
सुई का साइज़16–18 gauge, 1.5 इंच
Tick नियंत्रणDeltamethrin / Cypermethrin spray — हर 15–21 दिन · पूरे शरीर पर
Acaricide DipAmitraz (0.05%) में पूरी गाय डुबोएँ — प्रकोप में
Tick नाशक sprayButox / Ectomin — बाज़ार में उपलब्ध · पशु चिकित्सक की सलाह से
टीकाICAR-IVRI में शोध जारी · अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं
Tick (किलनी) ही असली दुश्मन है — गाय के शरीर से किलनी हाथ से न निकालें (मुँह रह जाता है)। Tick Remover या चिमटी से घुमाकर निकालें। नियमित Acaricide spray सबसे ज़रूरी है।
🥛 दुग्ध ज्वर (Milk Fever / Hypocalcaemia)प्रसव के बाद Blood Calcium कमी · ब्याने के 24-72 घंटे बाद · Metabolic रोग👆 Click करें — विवरण खुलेगा
उपचारIV Calcium
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Hypocalcaemia · ब्याने के बाद · Calcium Borogluconate IV

दुग्ध ज्वर (Milk Fever) ब्याने के बाद रक्त में कैल्शियम की अचानक कमी के कारण होता है। दूध उत्पादन शुरू होने पर शरीर का कैल्शियम दूध में चला जाता है। उच्च दुग्ध उत्पादन वाली HF/Jersey गायों में अधिक होता है।

चरणलक्षण
Stage 1 (हल्का)बेचैनी · खुरों से ज़मीन खुरचना · हल्का कंपकंपी
Stage 2 (सामान्य)गाय उठ नहीं पाती · गर्दन S-आकार में मुड़ जाती है · ठंडे कान
Stage 3 (गम्भीर)पूरी तरह लेट · बेहोशी · मृत्यु का खतरा
उपचार / बचावविधि
मुख्य उपचारCalcium Borogluconate (20–25%) — IV (धीरे-धीरे) — पशु चिकित्सक
Sub-cut भी दे सकतेCalcium Borogluconate SC — विभिन्न स्थानों पर
बचाव — आहारब्याने से 2 सप्ताह पहले से Calcium supplement · Vit D₃
बचाव — Low Ca Dietब्याने से 2-3 सप्ताह पहले कम कैल्शियम आहार (DCAD diet)
ब्याने के बादCalcium Drench (मुँह से) — 24 और 48 घंटे पर
💉 इंजेक्शन विधि — Calcium Borogluconate IV/SC IV Calcium · धीरे-धीरे · नस में या त्वचा के नीचे
विषयविवरण
मुख्य दवाCalcium Borogluconate 20–25% Solution (450 ml bottle)
IV (नस में)गर्दन की जुगुलर नस (Jugular vein) में — पशु चिकित्सक द्वारा — बहुत धीरे (30 मिनट में)
SC (त्वचा के नीचे)गर्दन, कंधे, पसली के पास — 2–3 अलग-अलग जगह बाँट कर दें
मात्रा400–450 ml Calcium Borogluconate (IV) — गाय के वज़न अनुसार पशु चिकित्सक तय करेंगे
SC सुई का साइज़16 gauge, 1.5 इंच
IV सुई का साइज़14–16 gauge, 2 इंच — IV set से
गतिबहुत धीरे दें — तेज़ देने से दिल की धड़कन बिगड़ सकती है
दोबारा कब दें6–8 घंटे बाद SC में दूसरी bottle (अगर सुधार न हो)
Vitamin D3ब्याने से 2–8 दिन पहले Vitamin D3 injection — बचाव के लिए
Calcium Drenchब्याने के तुरंत बाद + 12 घंटे बाद मुँह से Calcium Drench दें
IV Calcium खुद न दें — जुगुलर नस में injection और Calcium की गति का सही अनुमान ज़रूरी है। गलत गति से Cardiac arrest हो सकता है। हमेशा पशु चिकित्सक को बुलाएँ।
SC आसान और सुरक्षित है: अगर पशु चिकित्सक तुरंत न आ सकें तो SC route से Calcium दिया जा सकता है। गर्दन के दोनों तरफ और कंधे पर 150–150 ml बाँट कर दें।
🌬️ अफारा / तिम्पनी (Bloat / Ruminal Tympany)तुरंत उपचार ज़रूरी रूमेन में गैस जमा · हरे चारे से · पाचन समस्या👆 Click करें — विवरण खुलेगा
प्रकार2 प्रकार
2 खंड
🔬 रोग परिचय, लक्षण एवं उपचार Frothy Bloat · Free Gas Bloat · Trocar उपयोग
प्रकारकारणविशेषता
Frothy BloatLegume (लोबिया, बरसीम, ल्यूसर्न) अधिक खाने सेझाग वाली गैस · Foam stabilizers से
Free Gas Bloatरूमेन से गैस निकलने का रास्ता बंदशुद्ध गैस · Oesophagus blockage
लक्षणविवरण
बायीं पसली उभरनाबायाँ पेट (Rumen) गुब्बारे जैसा फूल जाता है
साँस कठिनाईगाय मुंह खोलकर साँस लेती है · बेचैनी
पेट पर ठोकने परDrum जैसी आवाज़ (Tympanic resonance)
अचानक मृत्युगम्भीर तिम्पनी में श्वसन रुकने से मृत्यु
उपचारविधि
हल्के मामलेनमक-सरसों तेल (250 ml) मुँह से · हल्की चाल · पेट की मालिश
Frothy BloatPoloxalene (Bloat Guard) 30–60 g · Dimethicone (Antifoaming agent)
Stomach TubeOesophageal tube से गैस निकालना (पशु चिकित्सक)
आपातकालTrocar & Cannula — बायीं पसली में needle डालकर गैस निकालना
बचावसूखे भूसे के बाद हरा चारा दें · गीले बरसीम न खिलाएँ
💉 आपातकालीन इंजेक्शन एवं Trocar विधि — अफारा Antifoaming Injection · Trocar & Cannula · रूमेन में सुई
विधिविवरण
Poloxalene injectionBloat Guard / Poloxalene 30–60 g — मुँह से या Stomach tube से
Dimethicone injectionAntifoaming agent — Stomach tube द्वारा रूमेन में — पशु चिकित्सक
Turpentine Oil30–60 ml Turpentine oil + 300 ml पानी — मुँह से (हल्के मामले)
Trocar & Cannulaआपातकाल में — बायीं पसली के hollow (Paralumbar fossa) में सुई डालकर गैस निकालना
Trocar स्थानबायाँ Paralumbar fossa — पसली और कूल्हे की हड्डी के बीच का गड्ढा
Trocar का साइज़Large Trocar & Cannula — पशु चिकित्सक के पास उपलब्ध
Procaine PenicillinTrocar के बाद infection रोकने के लिए IM injection — पशु चिकित्सक द्वारा
IV Fluidsगम्भीर मामलों में Dextrose Saline IV — पशु चिकित्सक द्वारा
Trocar खुद न लगाएँ — गलत जगह लगाने से आंत में छेद हो सकता है। केवल पशु चिकित्सक ही Trocar लगाएँ। घर पर Antifoaming agent और मालिश से काम चलाएँ।
घर पर पहली मदद: गाय को चलाएँ, नमक + सरसों तेल (250 ml) पिलाएँ, पेट की मालिश करें। 15–20 मिनट में आराम न हो तो तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
💉 टीकाकरण वार्षिक कैलेंडर
नीचे दिया गया टीकाकरण चार्ट ICAR-IVRI, Bareilly और भारत सरकार के पशुपालन विभाग की अनुशंसाओं पर आधारित है।
रोग टीके का प्रकार पहला टीका पुनः टीकाकरण सर्वोत्तम समय IVRI उपलब्धता
खुरपका-मुंहपका (FMD) Inactivated Trivalent (O+A+Asia-1) 4 माह हर 6 माह जनवरी + जुलाई ✔ IVRI + GoI Free
गलघोंटू (HS) Oil Adjuvant HS Vaccine 6 माह वार्षिक मई–जून (वर्षा से पहले) ✔ IVRI, Izatnagar
एकटंगिया (BQ) Formalin-inactivated BQ Vaccine 6 माह + बूस्टर 1 माह वार्षिक मई–जून ✔ IVRI, Izatnagar
गिल्टी (Anthrax) Live Anthrax Spore Vaccine (Sterne) 6 माह वार्षिक प्रकोप क्षेत्र में — मार्च–अप्रैल ✔ IVRI, Izatnagar
लंपी स्किन (LSD) Lumpi-ProVacInd (Live Attenuated) 4 माह से वार्षिक मार्च–अप्रैल (या प्रकोप में तुरंत) ✔ IVRI + NRCE
IBR MLV / KV Vaccine 4–6 माह वार्षिक प्रजनन सीज़न से पहले पशु चिकित्सक से
थनैला (Mastitis) Mastitis Vaccine (S. aureus/Str.) गर्भावस्था में वार्षिक Dry period में IVRI + Commercial
HS + BQ Combined Combined HS-BQ Vaccine 6 माह वार्षिक मई–जून (वर्षा से पहले) ✔ IVRI + Commercial
📋 त्वरित सन्दर्भ चार्ट — रोग पहचान
रोग रोग श्रेणी मुख्य लक्षण मृत्यु दर तत्काल क्या करें?
FMD (खुरपका-मुंहपका) वायरल मुंह-खुर पर छाले · लार · लंगड़ाना 1–5% आइसोलेशन · घाव धोएँ · पशु चिकित्सक
लंपी स्किन (LSD) वायरल शरीर पर गाँठें · बुखार · दूध कमी 1–5% आइसोलेशन 28 दिन · मच्छर नियंत्रण
गलघोंटू (HS) जीवाणु गले सूजन · घुरघुराना · बुखार 90–100% तुरंत पशु चिकित्सक · Oxytetracycline IV
ब्लैक क्वार्टर (BQ) जीवाणु मांसपेशी काली · Crepitus · बुखार 80–100% तुरंत Penicillin G IV · पशु चिकित्सक
एंथ्रेक्स (Anthrax) जीवाणु (Zoonotic) अचानक मृत्यु · काला खून 80–100% शव न छुएँ · पशु विभाग को तुरंत सूचित
थनैला (Mastitis) जीवाणु थन सूजन · दूध में मवाद कम CMT test · Intramammary Infusion
थाइलेरिया परजीवी बुखार · पीलिया · लाल पेशाब 30–50% Buparvaquone IM · Tick control
दुग्ध ज्वर (Milk Fever) चयापचय ब्याने के बाद उठ न पाना · गर्दन मुड़ना 5–10% Calcium Borogluconate IV · तुरंत
अफारा (Bloat) पाचन बायाँ पेट फूलना · साँस कठिनाई 10–30% Antifoaming agent · Stomach tube · Trocar
IBR वायरल नाक बहना · खाँसी · गर्भपात 5–10% आइसोलेशन · Antibiotics (secondary)
ICAR-IVRI हेल्पलाइन: ICAR-Indian Veterinary Research Institute, Izatnagar, Bareilly (UP) — 243122 | वेबसाइट: ivri.nic.in | पशु रोग निदान सेवाएँ उपलब्ध
A
लेखक / पशुपालन विशेषज्ञ
Ashish Singh
ICAR-IVRI डेटा आधारित पशु चिकित्सा जानकारी · upkisanseva.in

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